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Sonam Wangchuk Extends Congratulations: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के दावे के बाद छात्रों को सोनम वांगचुक ने दी बधाई, बोले लोकतंत्र की हुई जीत

 

- Photo by : NCR SAMACHAR

दिल्ली  Published by: Shubhi Shikha Nayal , दिल्ली  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 25/07/2026 05:33:27 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 25/07/2026 05:33:27 pm
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संक्षेप

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई है।

विस्तार

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई है। छात्रों की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के बाद यह कदम सामने आने पर प्रदर्शनकारी छात्रों में खुशी का माहौल है। वहीं आंदोलन की शुरुआत से छात्रों के समर्थन में जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों को बधाई दी है।

सोनम वांगचुक ने बताई लोकतंत्र की जीत

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की ताकत और जनता की आवाज की जीत है। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण संघर्ष, धैर्य और लगातार प्रयासों का परिणाम बताया। वांगचुक ने छात्रों और उन सभी नागरिकों का आभार जताया, जिन्होंने अपनी आवाज उठाकर आंदोलन का समर्थन किया। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू हुए आंदोलन में सोनम वांगचुक लगातार छात्रों के समर्थन में नजर आए। उन्होंने 28 जून से आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की थी। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले उनका इलाज सफदरजंग अस्पताल में हुआ, बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

27वें दिन खत्म किया था अनशन

लगातार भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया था। उन्होंने बताया था कि कई सांसदों और नेताओं ने उनसे मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील की थी। उन्होंने देश में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने की अपील करते हुए कहा था कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्र आंदोलन धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों तक पहुंच गया। छात्र नीट परीक्षा से जुड़े विवादों, जवाबदेही और व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।