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उत्तर प्रदेश: अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, कई आरोपी गिरफ्तार
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली थाना बहेड़ी पुलिस ने जनपद बरेली समेत सीमावर्ती जिलों और उत्तराखण्ड तक अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का बड़ा खुलासा किया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली थाना बहेड़ी पुलिस ने जनपद बरेली समेत सीमावर्ती जिलों और उत्तराखण्ड तक अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 05 अवैध पिस्टल (32 बोर), 36 जिंदा कारतूस, 02 तमंचे (315 बोर व 12 बोर) तथा अन्य सामान बरामद किया गया। यह कार्रवाई थाना बहेड़ी में पंजीकृत मुकदमा संख्या 0122/26 के तहत आर्म्स एक्ट एवं बीएनएस की गंभीर धाराओं में की गई है। शेरगढ़ अड्डे से गिरफ्तारी, हिस्ट्रीशीटर इशरत अली का नेटवर्क बेनकाब थाना बहेड़ी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शेरगढ़ अड्डे से अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपी थाना बहेड़ी के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इशरत अली के करीबी सहयोगी हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद स्विफ्ट कार भी अभियुक्त इशरत अली की है, जिसने इन हथियारों को उत्तराखण्ड के उधमसिंहनगर जिले में सप्लाई कराने के लिए भेजा था। मोबाइल डेटा से बड़ा सबूत, टेस्ट फायरिंग के वीडियो मिले पुलिस ने बताया कि पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में अभियुक्त सोमू खान के फोन से कई वीडियो और फोटो बरामद हुए हैं, जिनमें गिरोह का सरगना इशरत अली अवैध पिस्टलों से टेस्ट फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि दिनांक 26.09.2025 को हुए बरेली दंगों में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों की सप्लाई इसी नेटवर्क के जरिए हुई थी। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त सोमू खान ने स्वीकार किया है कि उसने फरहत अली और इशरत अली के कहने पर भारी मात्रा में पिस्टल और तमंचे झुमका तिराहा क्षेत्र में गिरोह के आदमी को सौंपे थे। सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने बयान में यह भी उल्लेख किया है कि दंगों के दौरान मौलाना तौकीर रज़ा फरहत अली के घर (5 एन्क्लेव, बरेली) में बैठकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने में शामिल था।