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उत्तर प्रदेश: 40 हजार में अग्निवीर मेडिकल पास कराने का झांसा, फर्जी हवलदार गिरफ्तार
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली में अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में फेल अभ्यर्थियों को दोबारा पास कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक आरोपी को कैंट थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली में अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में फेल अभ्यर्थियों को दोबारा पास कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक आरोपी को कैंट थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को सेना का सेवानिवृत्त हवलदार बताकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाता था। सैन्य खुफिया इकाई से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को आर्मी अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से फर्जी सैन्य दस्तावेज, मुहर और अन्य सामग्री बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजेश तिवारी निवासी सैरपुर, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अग्निवीर भर्ती के मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करता था और उन्हें भरोसा दिलाता था कि सेना में अपनी कथित पहुंच के जरिए वह उनका मेडिकल दोबारा पास करा सकता है। इसके बदले वह अभ्यर्थियों से हजारों रुपये की मांग करता था। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी ने एक अभ्यर्थी से मेडिकल में पास कराने के नाम पर 40 हजार रुपये लिए थे। जांच के दौरान उसके मोबाइल में 21 अगस्त को अंकित सिंह चौहान नामक अभ्यर्थी से यूपीआई के जरिए 40 हजार रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड भी मिला। यही रकम आरोपी के रजिस्टर में भी दर्ज बताई गई है। फर्जी दस्तावेज और मुहर से बनाता था भरोसा पुलिस ने आरोपी के पास से एक रजिस्टर, फर्जी मुहर, मोबाइल फोन और सेना के कैंटीन कार्ड की छायाप्रति बरामद की है। रजिस्टर में कई अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और उनके मेडिकल में फेल होने के कारण दर्ज पाए गए। इसके अलावा 108 महार रेजिमेंट से संबंधित तीन फर्जी कॉल अप लेटर की प्रतियां भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।आरोपी इन दस्तावेजों को दिखाकर अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाता था कि उसके सेना के अधिकारियों से संपर्क हैं और मेडिकल में फेल होने के बाद भी वह उन्हें दोबारा पास करा सकता है। साथी की भूमिका भी सामने आई पुलिस की पूछताछ और मोबाइल जांच में इस ठगी के नेटवर्क में गजेंद्र सिंह नाम के एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, राजेश अभ्यर्थियों से बातचीत के बाद उनकी जानकारी व्हाट्सऐप के जरिए गजेंद्र सिंह को भेजता था। इसके बाद अभ्यर्थी से रकम लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी। मोबाइल की जांच में राजेश और गजेंद्र के बीच व्हाट्सऐप चैट भी मिली है, जिसमें रेफरल फॉर्म और पैसों के लेनदेन से संबंधित बातचीत होने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपी के साथी की तलाश के साथ-साथ इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और ठगी के शिकार हुए अभ्यर्थियों की जानकारी जुटा रही है। पहले अकादमी चलाने की बात सामने आई पुलिस के मुताबिक पूछताछ में राजेश ने बताया कि वह पहले जबलपुर में एक अकादमी चलाता था। अग्निवीर भर्ती व्यवस्था शुरू होने के बाद उसने मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को निशाना बनाकर कथित तौर पर ठगी शुरू की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बरामद दस्तावेजों तथा मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी व्यक्ति द्वारा मेडिकल या चयन कराने के नाम पर पैसे मांगे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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