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उत्तर प्रदेश: बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधित हुई संपत्तियों की दरें, कई क्षेत्रों में बढ़ा सर्किल का रेट

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 09/06/2026 03:07:40 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 09/06/2026 03:07:40 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जनपद गाजीपुर में अचल संपत्तियों की दरों में संशोधन करते हुए नई दरें 8 जून 2026 से प्रभावी कर दी गई हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जनपद गाजीपुर में अचल संपत्तियों की दरों में संशोधन करते हुए नई दरें 8 जून 2026 से प्रभावी कर दी गई हैं। यह जानकारी सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने दी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की विभिन्न तहसीलों में संपत्तियों की दरों को बाजार मूल्य के लगभग समतुल्य करते हुए संशोधित किया गया है। इसके तहत अचल संपत्तियों की दरों में तहसीलवार औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।

उन्होंने बताया कि उप निबंधक कार्यालय सदर, मोहम्मदाबाद, जमानियां, सैदपुर, जखनियां, कासिमाबाद और सेवराई क्षेत्रों के नगरीय, अर्द्धनगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेसिक वैल्यू एवं अन्य कृषि/अकृषक भूमि की दरों में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। वहीं, वाणिज्यिक भूमि की दरों में सैदपुर और सेवराई क्षेत्रों में 10 से 12 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, जबकि जखनियां क्षेत्र में वाणिज्यिक भूमि की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण एवं वृक्ष आधारित भूमि की दरों में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है। साथ ही जनपद की सभी तहसीलों में 0.070 हेक्टेयर तक की कृषि भूमि की दरों को यथावत रखा गया है।

प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि तहसील सदर के रामपुर उर्फ झिंगुरपट्टी (शहरी एवं देहाती), जमलापुर देहाती, सुखदेवपुर तथा रौजा शाहबरखुर्द क्षेत्रों में वर्ष 2015 से दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था। इसलिए इन क्षेत्रों की दरों को आसपास के क्षेत्रों के अनुरूप किया गया है। इसी प्रकार तहसील मोहम्मदाबाद के चकबाला, चकभिखू, मच्छटी आदि राजस्व गांवों तथा तहसील जमानियां के कालूपुर क्षेत्र की दरों को भी आसपास के क्षेत्रों के समकक्ष संशोधित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2024 के बाद बढ़ी मुद्रास्फीति और बाजार मूल्य में हुए परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है, ताकि संपत्तियों की दरें वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप रह सकें।


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