Contact for Advertisement 9650503773


हरियाणा: बांध परियोजना को दी मंजूरी, 15 गांवों को मिला लाभ

- Photo by : social media

हरियाणा  Published by: Mainpal , हरियाणा  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 27/06/2026 04:38:37 pm Share:
  • हरियाणा
  • Published by.: Mainpal ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 27/06/2026 04:38:37 pm
Share:

संक्षेप

हरियाणा: महेन्द्रगढ़ के क्षेत्र के गांव जाट में लगभग 2 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से करीब 70 एकड़ क्षेत्र में बांध का निर्माण किया जाएगा, जिसमें दोहन नदी से पानी पहुंचाया जाएगा।

विस्तार

हरियाणा: महेन्द्रगढ़ के क्षेत्र के गांव जाट में लगभग 2 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से करीब 70 एकड़ क्षेत्र में बांध का निर्माण किया जाएगा, जिसमें दोहन नदी से पानी पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना के लिए एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कार्य को 4 से 6 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के पूर्ण होने पर जाट, पाली, भूरजट, धोली, आदलपुर, मालड़ा बास, मालड़ा सराय, बवाना, लावन, खरखड़ा बास, आकोदा, बसई, खुड़ाना सहित लगभग 15 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। विधायक कंवर सिंह यादव ने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जल समस्या के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनके प्रयासों और प्रदेश सरकार के सहयोग से यह परियोजना स्वीकृत हुई है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बांध की जल भंडारण क्षमता 2 करोड़ 43 लाख 93 हजार 600 क्यूसिक पानी होगी, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ेगी।

महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ भूजल स्तर सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि दोहन नदी के पानी का सदुपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाई जाएगी, जिससे किसानों और आम लोगों को लाभ मिलेगा। यह योजना भविष्य में जल संकट की समस्या को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। विधायक ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास, सिंचाई व्यवस्था, पेयजल सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गांव जाट में बनने वाला यह बांध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे आसपास के गांवों के किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। बांध के निर्माण से क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले वर्षों में जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।