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उत्तर प्रदेश: केसर शुगर मिल की वादाखिलाफी पर भड़के किसान; भाकियू (भानु) ने घेरा कलेक्ट्रेट, चक्का-जाम की चेतावनी
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले आज भारी संख्या में किसानों ने केसर शुगर मिल (बाहेड़ी) द्वारा बकाया गन्ना भुगतान न किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को
विस्तार
उत्तर प्रदेश: भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले आज भारी संख्या में किसानों ने केसर शुगर मिल (बाहेड़ी) द्वारा बकाया गन्ना भुगतान न किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक प्रभावी ज्ञापन सौंपते हुए मिल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। भुगतान में धोखाधड़ी और कानूनी कार्रवाई की मांग: प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अमर सिंह और युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज ठाकुर ने संयुक्त रूप से कहा कि मिल प्रबंधन ने लिखित शपथ पत्र के माध्यम से 20 फरवरी 2026 से भुगतान शुरू करने का वादा किया था, जो पूरी तरह झूठा साबित हुआ है। उन्होंने मांग की कि U.P. Revenue Code, 2006 की धारा 170 से 174 के तहत मिल के मुख्य प्लांट, मशीनरी और चीनी स्टॉक की वास्तविक नीलामी कर तत्काल ₹182.30 करोड़ का बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 7% ब्याज माफी और FIR की चेतावनी: प्रदेश मीडिया प्रभारी नितिन सिरोही और प्रदेश प्रवक्ता जुबैर सिद्दीकी ने प्रशासन को अवगत कराया कि मिल द्वारा भुगतान न मिलने के कारण किसान डिफ़ॉल्टर हो रहे हैं। ऐसे में गन्ना समिति द्वारा खाद-बीज पर वसूला जा रहा 7% ब्याज अनैतिक है और इसे तत्काल माफ किया जाना चाहिए। साथ ही, वादाखिलाफी के लिए मिल प्रबंधन पर IPC की धारा 420, 406 और 120-B के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। 3 दिन का अल्टीमेटम: प्रदेश महासचिव ताहिर बाबा ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी 3 कार्य दिवसों के भीतर मिल की संपत्तियों की भौतिक नीलामी और भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ नहीं होती है, तो यूनियन पूरे बरेली मंडल में उग्र आंदोलन, चक्का-जाम और प्रशासनिक तालाबंदी के लिए विवश होगी। उपस्थिति: इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा जिला उपाध्यक्ष रोनी, उर्मेश सिंह, आशीष सिंह समेत संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता और क्षेत्र के पीड़ित किसान मौजूद रहे।