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बिहार: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दागने से पहले ही फुस्स? एक तारीख की गलती से बिगड़ा विपक्ष का खेल
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
बिहार: No-confidence मोशन अगेंस्ट लोक सभा Speaker: लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो सकता है. विपक्ष की एक गलती की वजह से ये प्रस्ताव खारिज हो सकता है.
विस्तार
बिहार: No-confidence मोशन अगेंस्ट लोक सभा Speaker: लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो सकता है. विपक्ष की एक गलती की वजह से ये प्रस्ताव खारिज हो सकता है. दरअसल नोटिस का जो लेटर विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा सचिवालय में दाखिल किया गया है, उसमें गलत तारीख लिखी है. सूत्रों के हवासे से जानकारी मिल रही है कि नोटिस में 2026 की जगह 2025 की तारीख लिखी गई है, इस वजह से प्रस्ताव आगे बढ़ने से पहले ही धड़ाम हो सकता है. विपक्ष ने 9 पन्नों में अपनी शिकायतों को जिक्र करते हुए जो कुछ लिखा उसके पहले पन्ने में ही हुई मिस्टेक के चलते ये नोटिस रद्द हो सकता है. आज संसद में क्या-क्या हुआ, ‘अविश्वास’ पर बंटा विपक्ष कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि यह प्रस्ताव नियम 94C के तहत दोपहर 1:14 बजे सौंपा गया. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक उनके इस अविश्वास प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा में पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के रुख की हुई. टीएमसी ने फिलहाल अविश्वास प्रस्ताव पर साइन नहीं किए हैं. TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा कि पार्टी कांग्रेस के कदम से असहमत नहीं है, लेकिन उसका मानना है कि सबसे पहले सभी विपक्षी दलों को स्पीकर को एक संयुक्त पत्र लिखना चाहिए था. टीएमसी चाहती थी कि स्पीकर को 2 से 3 दिन का समय दिया जाए. अगर इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती, तो पार्टी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है. बनर्जी ने ये कहा कि सदन पूरे दिन के लिए स्थगित करना सही नहीं था. सत्तापक्ष के सांसदों को बोलने दिया जा सकता है, तो विपक्ष को भी बराबर मौका मिलना चाहिए. TMC का कहना है कि वह चाहती है कि संसद चले, लेकिन इसकी जिम्मेदारी स्पीकर की होती है. स्पीकर से विपक्ष की नाराजगी की दूसरी वजह विपक्ष का कहना है कि एलओपी समेत अन्य दलों के नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया जाता है. इसके अलावा वो पीएम मोदी पर विपक्षी सांसदों के संभावित हमले वाले आरोप से भी नाराज हैं. इस एपिसोड के बैकग्राउंड में जाएं तो लोकसभा में पीएम मोदी क्यों नहीं पहुंचे, इसका वीडियो सामने आया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 4 फरवरी के लोकसभा सत्र का वीडियो साझा किया है. वीडियो में देखा गया कि कांग्रेस की महिला सांसद पीएम मोदी की सीट के पास इकट्ठा हो गई थीं. इसी दिन सत्र अचानक स्थगित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले कहा था कि उन्होंने ही पीएम मोदी को सत्र छोड़ने की सलाह दी थी. उनका कहना था कि विपक्षी सांसद पीएम के सामने हमला करने की योजना बना रहे थे. रिजिजू ने वीडियो के साथ ट्वीट किया कि अगर विपक्ष के सांसदों को रोका नहीं जाता और महिला सांसदों को कांग्रेस सांसदों से टकराने दिया जाता, तो स्थिति खराब हो सकती थी. उन्होंने संसद की गरिमा और सम्मान बनाए रखने की जरूरत बताई.
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