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उत्तर प्रदेश: भीरा के फार्म टांडा में फंसा ‘जंगल का राजा’, तारों का जाल बना रास्ते की बाधा; रेस्क्यू जारी
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: भीरा के फार्म टांडा में फंसा 'जंगल का राजा': वापस लौटने के रास्ते में रोड़ा बना वन विभाग का 8 फीट ऊंचा तारों का जाल, रेस्क्यू में जुटी टीमें लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क के बफर जोन से सटे भीरा थाना
विस्तार
उत्तर प्रदेश: भीरा के फार्म टांडा में फंसा 'जंगल का राजा': वापस लौटने के रास्ते में रोड़ा बना वन विभाग का 8 फीट ऊंचा तारों का जाल, रेस्क्यू में जुटी टीमें लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क के बफर जोन से सटे भीरा थाना क्षेत्र के फार्म टांडा इलाके में उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब जंगल से भटककर आबादी की तरफ आया एक विशालकाय बाघ वापस अपने घर (जंगल) नहीं लौट पाया। दरअसल, वन विभाग द्वारा वन्यजीवों को रोकने के लिए लगाया गया 8 फीट ऊंचा तारों का मजबूत जाल ही अब इस बाघ के वापस जंगल जाने के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन गया है। जाल के पास फंसा बाघ, ग्रामीणों में दहशत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघ खेतों से निकलकर वापस जंगल की ओर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सामने वन विभाग का करीब 8 फीट ऊंचा तारों का जाल खड़ा था। इस ऊंचे जाल को पार न कर पाने के कारण बाघ वहीं खेतों के किनारे फंसकर रह गया और लगातार दहाड़ रहा है। बाघ की मौजूदगी से आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है। मौके पर पुलिस और वन विभाग की घेराबंदी ग्रामीणों की सूचना पर भीरा थाना पुलिस और वन विभाग की रेस्क्यू टीम भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच चुकी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने ग्रामीणों को खेतों की तरफ जाने से पूरी तरह रोक दिया है।
सुरक्षित रास्ते की तलाश में वन विभाग चूंकि बाघ खुद जंगल की तरफ जाना चाहता है, इसलिए वन विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम इस बात की रणनीति बना रही है कि जाल का कोई हिस्सा हटाकर या सुरक्षित रास्ता बनाकर बाघ को बिना नुकसान पहुंचाए वापस जंगल भेजा जा सके। जरूरत पड़ने पर ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने की तैयारी भी की जा रही है। फिलहाल मौके पर भारी भीड़ जमा है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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