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उत्तर प्रदेश: बस्ती में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान की तैयारी हुई शुरू

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 29/09/2026 02:00:40 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
  • Date:
  • 29/09/2026 02:00:40 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बस्ती जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बस्ती जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 31 अक्टूबर तक और दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सियाराम यादव ने की। उन्होंने कहा कि अभियान में शामिल सभी विभाग चरणबद्ध कार्ययोजना के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और समय से रिपोर्टिंग पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग को अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग की ओर से जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस, क्षय रोग और कुपोषित बच्चों की सूची के आधार पर आवश्यक उपचार और कार्रवाई की जाएगी। अभियान की मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण, रिपोर्टिंग और आंकड़ों का विश्लेषण भी स्वास्थ्य विभाग करेगा।

नगर पालिका और नगर पंचायतों को साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने, नालियों की सफाई, फॉगिंग, झाड़ियों की कटाई और कूड़े का नियमित निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए। पेयजल की जांच और आवश्यकता के अनुसार क्लोरीनाइजेशन कराने को भी कहा गया।

पंचायती राज विभाग को गांवों में स्वच्छता, हाथ धोने, शौचालयों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई। ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा कार्यकत्रियों के सहयोग से अभियान का प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा। गांवों में उथले हैंडपंपों को लाल रंग से चिह्नित करने और खराब इंडिया मार्क-2 हैंडपंपों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मैलाथियान से फॉगिंग और कूड़ेदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को सूकर पालकों को वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने के लिए जागरूक करने, सूअरबाड़ों को आबादी से दूर रखने, उनकी नियमित सफाई और कीटनाशक का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए। कृषि एवं सिंचाई विभाग को जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए तकनीकी सलाह देने और उद्यान विभाग को मच्छररोधी पौधों के रोपण की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में एईएस/जेई से दिव्यांग हुए बच्चों का सर्वे कराने पर भी जोर दिया गया। ऐसे बच्चों को डीडीआरसी सेंटर के माध्यम से आवश्यक उपचार और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। बैठक का संचालन मलेरिया अधिकारी आर्येन्द्र कुमार दूबे ने किया। इस दौरान एएमओ चंद्र मोहन मेहरोत्रा, बीएसए अनूप तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, सभी एमओआईसी, नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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