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गुजरात: बिजली के झुके खंभों को लेकर उठे सवाल, जांच और कार्रवाई की मांग

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , गुजरात  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 11/08/2026 05:00:26 pm Share:
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  • Published by.: Rajput Ranjeet ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
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संक्षेप

गुजरात: राज्य में बिजली के खंभों की मजबूती और उनकी स्थापना को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

विस्तार

गुजरात: राज्य में बिजली के खंभों की मजबूती और उनकी स्थापना को लेकर सवाल उठाए गए हैं। गुजरात न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष परसोतंभी एन. मुंगरा ने आरोप लगाया है कि कई स्थानों पर बिजली के खंभों के आसपास और उनकी नींव में आरसीसी/पीसीसी का पर्याप्त कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। परसोतंभी एन. मुंगरा के अनुसार, बिजली के खंभों की नींव मजबूत होना बेहद जरूरी है, क्योंकि कमजोर नींव के कारण खंभों के झुकने या टूटने का खतरा बना रहता है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे झुके हुए नजर आते हैं। उनका कहना है कि तेज आंधी और तूफान के दौरान ऐसी स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।

उन्होंने बिजली के खंभों की स्थापना और निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों के पालन की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि खंभे लगाते समय उनकी नींव में आरसीसी/पीसीसी का कार्य नियमानुसार किया गया या नहीं। मुंगरा ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खंभों की स्थापना के दौरान संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों द्वारा साइट निरीक्षण की व्यवस्था को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हुआ है तो इसके लिए संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

उन्होंने मामले में संभावित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की मांग की है। हालांकि, भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में घटिया निर्माण या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और सरकारी धन के नुकसान की भरपाई कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा से जुड़ी है। इसलिए बिजली के खंभों और ट्रांसमिशन लाइन से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

मुंगरा ने बताया कि इस मामले को गुजरात सरकार के ऊर्जा मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल को भी लिखित रूप से मामले की जानकारी देकर जांच की मांग की जाएगी। उन्होंने मांग की कि राज्यभर में बिजली के खंभों की नींव, आरसीसी/पीसीसी कार्य, निर्माण गुणवत्ता और संबंधित दस्तावेजों का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। यदि जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली के बुनियादी ढांचे की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार तथा संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में खंभों के झुकने या टूटने से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।