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राजस्थान: खेल मैदान की जमीन विद्यालय के नाम दर्ज कराने की मांग, कांग्रेस नेताओं का आमरण अनशन शुरू
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संक्षेप
राजस्थान: पीएम श्री महाराणा प्रताप राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान की भूमि को विद्यालय के नाम दर्ज कराने और राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
विस्तार
राजस्थान: पीएम श्री महाराणा प्रताप राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान की भूमि को विद्यालय के नाम दर्ज कराने और राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने खेल मैदान की भूमि को खुर्द-बुर्द किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस पार्टी की ओर से सोमवार, 10 अगस्त को इस मामले को लेकर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया था। प्रशासन की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के बाद मंगलवार, 11 अगस्त से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि विद्यालय का खेल मैदान विद्यार्थियों और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी भूमि को सुरक्षित रखना जरूरी है। आमरण अनशन पर चित्तौड़गढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भैरूलाल चौधरी, पूर्व ओबीसी जिला अध्यक्ष कांग्रेस प्रकाश जाट मेवादा, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल मोची, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस महासचिव भेरूलाल बारेगामा, पूर्व पार्षद राजीव सोनी, विधानसभा अध्यक्ष जितेंद्र बड़वा, ओबीसी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश जाट और जिला यूथ कांग्रेस सचिव सत्यनारायण माली बैठे। आंदोलन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और खिलाड़ियों ने प्रशासन से खेल मैदान की भूमि से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों ने कहा कि खेल मैदान विद्यार्थियों के शारीरिक विकास और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में इसकी भूमि को किसी भी स्थिति में खुर्द-बुर्द नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि खेल मैदान की भूमि को आधिकारिक रूप से विद्यालय के नाम दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में भूमि को लेकर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और खिलाड़ी मौजूद रहे। इनमें पूर्व नगर अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास, शंकर लाल प्रजापत, हिमांशु बारेगामा, हाजी अब्दुल रहमान मंसूरी, पूर्व जिला कांग्रेस कोषाध्यक्ष सतीश नंदवाना, सेवादल नगर पालिका पूर्व उपाध्यक्ष विनोद बारेगामा, नगर अध्यक्ष भवानी शंकर लोहार, ओबीसी नगर अध्यक्ष राकेश आचार्य, शिवदत्त छिनिवाल, लोकेश जाट, सैयद अख्तर बुखारी, नारायण व्यास, ललित टांक, मुनीर खान मेवाती, सत्यनारायण तेली, गुड्डू खान, योगेश खटीक, विजय बारेगामा, पुखराज गर्ग, गुलाबचंद रेगर सहित कई लोग शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि खेल मैदान की भूमि को विद्यालय के नाम दर्ज कराने और कथित राजस्व अनियमितताओं की जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
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