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मध्य प्रदेश: रसोइयों ने दिखाया पाक-कला का हुनर, बच्चों के पोषण का दिया संदेश
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत के लिए कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में रसोइया सह-सहायक व्यवसायिक प्रशिक्षण एवं जनपद स्तरीय कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
विस्तार
मध्य प्रदेश: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत के लिए कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में रसोइया सह-सहायक व्यवसायिक प्रशिक्षण एवं जनपद स्तरीय कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उपाध्यक्ष वर्षा आंवलेकर संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य सामग्री के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। प्रतियोगिता में व्यंजनों का मूल्यांकन स्वाद, पोषण गुणवत्ता, स्वच्छता, प्रस्तुतीकरण एवं नवाचार के आधार पर किया गया। रसोइयों ने एक से एक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जिसमें मोटा अनाज से बने व्यंजन महुआ के लड्डू उड़द, मक्का चना बाजरा की रोटी अंकुरित आहार सलाद सहित अन्य व्यंजनों उत्कृष्ट प्रदर्शन किए कंपटीशन के पश्चात रसोइयों को भोजन पकाने में अको के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष वर्षा मालवीय ,उपाध्यक्ष वर्षा आवलेकर, जिला विकास समिति के अनिल सिंह कुशवाहा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ज्वाला प्रसाद प्रजापति विकासखंड स्त्रोत समन्वयक नीरज गलफट , हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य एस आर माली, एमडीएम प्रभारी मोना घाटोले अरुणा साहू सहित बड़ी संख्या में रसोईया उपस्थिति रही।
प्रतियोगिता में 35 स्व-सहायता समूहों की रसोईया स्थानीय खाद्य सामग्री से पौष्टिक, स्वादिष्ट, स्वच्छ एवं बच्चों की रुचि के अनुरूप विविध व्यंजन तैयार कर अपनी पाक-कला और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की मुख्य नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार परिकल्पना के अनुरूप आयोजित यह पहल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में परोसा जाने वाला मध्यान्ह भोजन बच्चों के भविष्य की नींव मजबूत करता है। जिस स्नेह और अपनत्व के साथ एक मां अपने बच्चों के लिए भोजन तैयार करती है, उसी भावना से स्व-सहायता समूह की महिलाएं लाखों बच्चों तक पौष्टिक आहार पहुंचा रही हैं। उन्होंने मिड डे मील रसोइयों से स्वच्छता, गुणवत्ता और संतुलित पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ बच्चे ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं।
