-
☰
मध्य प्रदेश: सात दिवसीय योग-प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा शिविर किया गया आयोजित
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: पोरसा योग-प्राणायाम के सात दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं थेरेपी चिकित्सा शिविर का आज सूर्य चिकित्सा के बारे में विस्तार से समझाया गया।
विस्तार
मध्य प्रदेश: पोरसा योग-प्राणायाम के सात दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं थेरेपी चिकित्सा शिविर का आज सूर्य चिकित्सा के बारे में विस्तार से समझाया गया। अम्बाह रोड पर तहसील के समीप स्थित पतंजलि आरोग्यधाम में पिछले सात दिवसीय योग-प्राणायाम व प्राकृतिक चिकित्सा शिविर संचालित किया जा रहा था, जिसमें आज सूर्य चिकित्सा के बारे में विस्तार से समझाया गया तथा अन्य प्राकृतिक चिकित्सा एवं विभिन्न प्रकार की थेरेपी चिकित्सा की जानकारी दी गई। शिविर में मुख्य रूप से जयपुर से आए डॉ. रविकांत शर्मा तथा ग्वालियर से डॉ. भूपेंद्र सिंह चौहान ने प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग-प्राणायाम हमारी प्राचीन और पौराणिक धरोहर है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। योग करने में किसी प्रकार का खर्च नहीं होता, केवल थोड़ा समय देना पड़ता है, लेकिन यही समय शरीर को बल देता है और व्यक्ति को निरोगी बनाता है। आज के भागदौड़ भरे जीवन और बिगड़े हुए खान-पान के कारण अनेक प्रकार की बीमारियाँ बढ़ रही हैं, ऐसे में यदि व्यक्ति योग, प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाता है तो वह लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है।
डॉ. रविकांत शर्मा ने शिविर में उपस्थित लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा के विभिन्न प्रकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से जल चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी के माध्यम से कई प्रकार की बीमारियों का प्राकृतिक उपचार संभव है। जल चिकित्सा में ठंडे और गर्म पानी का प्रयोग शरीर के विभिन्न अंगों पर किया जाता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि जल चिकित्सा से पाचन तंत्र मजबूत होता है, त्वचा रोगों में लाभ मिलता है तथा शरीर को प्राकृतिक रूप से ऊर्जा प्राप्त होती है। इसके साथ ही शिविर में सूर्य चिकित्सा, आहार चिकित्सा, फिजियोथैरेपी चिकित्सा, भाप चिकित्सा और मिट्टी थेरेपी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सूर्य की किरणें शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जबकि संतुलित और प्राकृतिक आहार कई रोगों को जड़ से समाप्त करने में सहायक होता है। वहीं मिट्टी थेरेपी शरीर की गर्मी को संतुलित करने और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में लाभकारी मानी जाती है।
शिविर में योग-प्राणायाम का अभ्यास राजकुमार गर्ग और महेश पेगोरिया द्वारा कराया गया। वहीं थेरेपी चिकित्सा मनोज कौरव (ग्वालियर) के मार्गदर्शन में कराई जा रही है। महिला प्रतिभागियों के लिए कंचन तोमर, सविता सिकरवार, गुड्डी तोमर और सीता सिकरवार द्वारा विशेष थेरेपी सत्र आयोजित किए गए। शिविर आज दूसरे दिन लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों ने भाग लेकर योग-प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा के विभिन्न तरीकों की जानकारी प्राप्त की। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोग प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
उत्तर प्रदेश: आंधी से गिरा टीनशेड, नीचे दबकर दो दोस्तों की हुई मौत
उत्तर प्रदेश: क्राउन होटल में ऑनलाइन जिस्मफरोशी का खुलासा, दिल्ली की पिंकी यादव गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश: सपा ने गिरफ्तार सफाईकर्मियों की रिहाई की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश: 11,000 वोल्ट लाइन की चपेट में आने से दलित युवक की हुई मौत
उत्तर प्रदेश: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिनहट स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण
उत्तर प्रदेश: थाना गागहलेडी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त अमित को किया गया गिरफ्तार