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मध्य प्रदेश: पुष्पगिरि तीर्थ में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान, गुरु-शिष्य परंपरा और संस्कारवान समाज निर्माण पर हुआ मंथन

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मध्य प्रदेश  Published by: Ravi Kumar (MP) , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 07/09/2026 01:19:43 pm Share:
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  • Published by.: Ravi Kumar (MP) ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 07/09/2026 01:19:43 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पुष्पगिरि तीर्थ में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: पुष्पगिरि तीर्थ में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। समारोह के दौरान क्षेत्र के शिक्षकों को सम्मानित कर उनके योगदान और समाज निर्माण में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में परम पूज्य 108 पुष्पदंत जी महाराज, प्रसन्न सागर जी महाराज, श्री एस.के. माथूर जी, विद्या भारती मालवा प्रांत के संगठन मंत्री माननीय योगेश जी शर्मा, ग्राम भारती प्रांत के सह सचिव श्री विष्णु जी आर्य, ग्राम भारती जिला प्रमुख श्री जसपाल जी सेंधव तथा सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश जी सोनकर सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने शिक्षक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और संस्कार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में सही दिशा प्राप्त करते हैं और आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देते हैं। इस अवसर पर परम पूज्य पुष्पदंत जी महाराज ने अपने गुरु श्री एस.के. माथूर जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक बेहतर और जिम्मेदार समाज के निर्माण का आधार बन सकता है।

समारोह में उपस्थित अतिथियों ने क्षेत्र के शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने को मिला। अतिथियों ने शिक्षकों के समर्पण और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की सराहना की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, समाजजन और श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान शिक्षा, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़े विचारों पर चर्चा हुई। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं उपस्थित लोगों के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ समाज में शिक्षा और संस्कारों के महत्व का संदेश देने वाला रहा।


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