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राजस्थान: 20 मई को थमेगा दवा कारोबार, केमिस्ट्स ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
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संक्षेप
राजस्थान: कोटपूतली, डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एलायंस के तत्वाधान में 20 मई को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद के संबंध में कोटपूतली केमिस्ट एसोसिएशन ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के समर्थन में हस्तक्षेप एवं अनुशंषा की मांग की।
विस्तार
राजस्थान: कोटपूतली, डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एलायंस के तत्वाधान में 20 मई को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद के संबंध में कोटपूतली केमिस्ट एसोसिएशन ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के समर्थन में हस्तक्षेप एवं अनुशंषा की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने बताया कि राजस्थान केमिस्ट एलायंस तथा राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स द्वारा लंबे समय से औषधि व्यापार एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं, जिनका समाधान नहीं होने से लाखों केमिस्ट्स और करोड़ों आश्रितों की आजीविका संकट में है। ज्ञापन में अवैध ई-फार्मेसी संचालन, बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा प्रिडेटरी प्राइसिंग (अत्यधिक छूट के माध्यम से बाजार पर कब्जा) तथा केंद्र सरकार की अधिसूचना जीएसआर 817(ई) 28 अगस्त 2018 एवं जीएसआर 220(ई) 26 मार्च 2020 को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। कोटपूतली केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव अंचल गुप्ता ने बताया कि अवैध ई-फार्मेसी के कारण बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री, एंटीबायोटिक्स एवं आदत बनाने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता, नकली प्रिस्क्रिप्शन, फार्मासिस्ट और मरीज के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अभाव, नकली एवं अनुचित भंडारण वाली दवाओं का खतरा तथा एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) जैसी गंभीर समस्यायें बढ़ रही हैं। संगठन ने कहा कि औषधि कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि सीधे रोगी की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। योग्य चिकित्सक और पंजीकृत फार्मासिस्ट के माध्यम से सही दवा सही रोगी तक पहुंचे, यह व्यवस्था बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा गहरी छूट देकर छोटे और मध्यम केमिस्ट्स के व्यापार को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बाधित हो रही है और छोटे व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। एसोसिएशन ने जिला कलक्टर से राज्य एवं केंद्र स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने, संबंधित अधिसूचनाओं को वापस लेने तथा निष्पक्ष व्यापार नीति लागू करने की अनुशंषा करने की मांग की। इस दौरान अंचल गुप्ता सचिव, अनिल मंगल कोषाध्यक्ष, राजवीर पायला, अशोक गोयल, अनिल मित्तल, आनंद पंडित सहित अनेक दवा व्यापारी मौजूद रहे।
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