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राजस्थान: ‘रास्ता खोलो अभियान’ हुआ तेज, अतिक्रमण हटाकर खोले जा रहे बंद सार्वजनिक मार्ग

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राजस्थान  Published by: Manoj Kumar Chordiya , राजस्थान  Edited By: Namita Chauhan, Date: 13/05/2026 10:47:51 am Share:
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  • Edited By.: Namita Chauhan,
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  • 13/05/2026 10:47:51 am
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संक्षेप

राजस्थान: सवाई माधोपुर जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में जिलेभर में संचालित “रास्ता खोलो अभियान” के तहत प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को वर्षों से बंद पड़े सार्वजनिक रास्तों को खुलवाने, अतिक्रमण हटाने तथा ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

विस्तार

राजस्थान: सवाई माधोपुर जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में जिलेभर में संचालित “रास्ता खोलो अभियान” के तहत प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को वर्षों से बंद पड़े सार्वजनिक रास्तों को खुलवाने, अतिक्रमण हटाने तथा ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार 13 मई को फिर से सभी तहसीलदारों द्वारा अभियान चलाकर आम रास्तों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में यह अभियान 1 मई से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस अवधि के दौरान सवाई माधोपुर जिले में 1,500 रास्ते से अधिक रास्तों का चिन्हिकरण कर खोलने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज लेकिन मौके पर बंद सार्वजनिक रास्तों, मौके पर बने लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं रास्तों तथा धारा 251-ए से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है। रास्ता खोलो अभियान” के तहत अब तक 50 से अधिक रास्ते खोले वर्षो पुराने विवाद का समाधान जिला कलक्टर के निर्देश पर बीते सप्ताह अभियान के तहत जिले के समस्त तहसीलदारों द्वारा 50 से अधिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके तहत गंगापुर सिटी की ग्राम चूली में श्मशान घाट तक जाने वाला गैर मुमकिन रास्ता, जो लगभग 70 वर्षों से बंद पड़ा था, उसे प्रशासन द्वारा खुलवाया गया। रास्ता खुलने से लगभग 500 परिवारों को मुख्य मार्ग तक से सीधी पहुंच की सुविधा मिली है। ग्राम पंचायत चूली में ही प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छाहरा बस्ती के पास वर्षों पुराने रास्ते को खुलवाया। ग्रामीणों ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे बड़ी राहत बताया।

इसी क्रम में ग्राम बगलाई में खसरा नंबर 1043 गैर मुमकिन रास्ता श्रेणी में दर्ज मार्ग पिछले 30 से 40 वर्षों से पूर्णतः बंद था। प्रशासनिक अधिकारियों ने सीमाज्ञान, समझाइश एवं मौके पर कार्रवाई करते हुए वर्षों से बंद रास्ते को पुनः चालू करवाया है। इसी प्रकार, तहसील मित्रपुरा में ग्राम सोयला से बोरदा जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण को हटाकर रास्ते को पुनः सुचारू किया गया। खंडार क्षेत्र के ग्राम गोठड़ा एवं कामोखरी को जोड़ने वाले मार्ग से भी अतिक्रमण हटाकर आवागमन बहाल किया गया। अभियान के दौरान मलारना चौड़ के लाड़ोता ग्राम में खिरनी-कोड़ाई मुख्य सड़क से जुड़े पुराने बंद रास्ते को पुनः चालू कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की गई। प्रत्येक सप्ताह होगी कार्रवाई, पुलिस जाब्ते की भी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा सभी उपखण्ड अधिकारियों एवं तहसीलदारों को लंबित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना वाले मामलों में पुलिस जाब्ते की सहायता से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान विशेष रूप से बुधवार एवं शुक्रवार को पुलिस जाब्ते की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सभी तहसीलदारों को प्रत्येक सप्ताह कम से कम 15 से 20 रास्तों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें सुचारू रूप से चालू करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

खुलवाए गए रास्तों पर डलवाई जाएगी मोरम जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि खुलवाए गए रास्तों पर संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से मोरम डलवाकर उन्हें सुचारू रखा जाए, ताकि पुनः अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही, जो रास्ते मौके पर बने हुए हैं लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, उन्हें राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी। अभियान के दौरान सीमांकन संबंधी लंबित प्रकरणों का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। किसानों को मिलेगी नई राहत व्यवस्था राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के अंतर्गत अब ऐसे खातेदार किसानों को भी राहत दी जाएगी, जिनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए कोई व्यवहारिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में जहां खातेदारी भूमि एवं सार्वजनिक मार्ग के बीच केवल राजकीय भूमि की संकरी पट्टी बाधा बनी हुई है, वहां नियमानुसार अधिकतम 20 फीट चौड़ाई तक राजकीय भूमि आवंटित कर पहुंच मार्ग उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां कोई वैकल्पिक व्यवहारिक मार्ग उपलब्ध नहीं हो।