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उत्तर प्रदेश: बहेड़ी तहसील में किसानों का हंगामा, तहसीलदार के बयान पर भड़के किसान नेता

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उत्तर प्रदेश  Published by: Mohammad Rehan , Date: 26/02/2026 05:25:26 pm Share:
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  • 26/02/2026 05:25:26 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: केसर शुगर मिल द्वारा किसानों के साथ की गई करोड़ों की धोखाधड़ी अब सड़क की लड़ाई बन चुकी है। बुधवार को तहसील परिसर उस समय अखाड़ा बन गया जब भारतीय किसान यूनियन (भानू) के  प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनुज सिंह के नेतृत्व में किसानों का जत्था तहसीलदार को

विस्तार

उत्तर प्रदेश: केसर शुगर मिल द्वारा किसानों के साथ की गई करोड़ों की धोखाधड़ी अब सड़क की लड़ाई बन चुकी है। बुधवार को तहसील परिसर उस समय अखाड़ा बन गया जब भारतीय किसान यूनियन (भानू) के  प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनुज सिंह के नेतृत्व में किसानों का जत्था तहसीलदार को ज्ञापन देकर मिल के 22 जनवरी को मिल द्वारा तहसीलदार से किये गये लिखित वादे का जवाब लेने  पहुंचे। किसानों और तहसीलदार के बीच हुई तीखी नोक झोंक ने प्रशासन की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया।
"किसान खरीदे जमीन या अपना हक मांगे तहसीलदार के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान पर कि "मिल के पास पैसे नहीं हैं, मै कहाँ से पैसे दिलवाऊंगा आप ही नीलामी में जमीन खरीद लो," ठाकुर अनुज सिंह आगबबूला हो गए। उन्होंने तहसीलदार को कहा — "किसान यहाँ जमीन खरीदने का सौदा करने नहीं, बल्कि अपने पसीने की कमाई का हक मांगने आया है। कानून आपको मिल की कीमती मशीनरी और बैंक खाते कुर्क करने की ताकत देता है। 

 लेकिन आप मिल प्रबंधन के एजेंट बनकर बात कर रहे हैं।" अनुज सिंह ने दो टूक कहा कि अगर प्रशासन ने वसूली के लिए मिल की चल संपत्ति पर 'डिस्ट्रेस वारंट' जारी नहीं किया, तो इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। प्रशासन की चुप्पी, किसानों की तबाही प्रदेश प्रवक्ता जुबैर सिद्दीकी और जिला सचिव सूरजपाल सिंह ने कहा कि मिल ने 22 जनवरी को लिखित शपथ पत्र दिया था कि 20 फरवरी से भुगतान शुरू होगा, जिसे अब रद्दी का टुकड़ा बना दिया गया है। युवा जिला महासचिव शेखर गंगवार ने कहा कि प्रशासन केवल एक 'बेकार प्लॉट' की नीलामी का ड्रामा कर किसानों की आंखों में धूल झोंक रहा है। किसान नेता नितिन सिरोही और आयुष गंगवार ने आरोप लगाया कि मिल और अधिकारियों की 'सांठगांठ' के कारण ही आज तक आरसी (RC) की प्रभावी वसूली नहीं हो सकी है। अब होगा 'कमिश्नरी का घेराव'
अपनी बात न सुनी जाते देख ठाकुर अनुज सिंह ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा— "अगर 48 घंटे के भीतर मिल की मशीनरी और स्क्रैप जब्त कर वसूली की कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो बहेड़ी से बरेली कमिश्नरी तक किसानों का सैलाब पदयात्रा पर निकलेगा। अब बातचीत का दौर खत्म हुआ, अब केवल कार्रवाई होगी।