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उत्तर प्रदेश: शिक्षक पर उत्पीड़न का लगा आरोप, जिलाधिकारी से कार्रवाई की करी गई मांग
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद जनपद फिरोजाबाद में एक शिक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने का मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद जनपद फिरोजाबाद में एक शिक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने का मामला सामने आया है। थाना नगला खंगर क्षेत्र के ग्राम महई निवासी अरविंद कुमार पुत्र श्री राम सेवक ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर एक शिक्षक पर उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार और विद्यालय की कार्यप्रणाली प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव के विद्यालय में कार्यरत संजीव कुमार उर्फ ‘नेता’ के व्यवहार से न केवल विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है, बल्कि बच्चों के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आरोप है कि शिक्षक द्वारा विद्यालय में अनुशासनहीनता तथा अभिभावकों एवं ग्रामीणों के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है, जिससे क्षेत्र में लगातार असंतोष की स्थिति बनी हुई है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि संबंधित शिक्षक की कार्यशैली के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और विद्यालय की छवि भी खराब हो रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अरविंद कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोपी शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित शिक्षक का अन्य जनपद में स्थानांतरण किए जाने की भी मांग की है, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक माहौल सामान्य हो सके और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रार्थना पत्र दिनांक 13 मई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है। पत्र पर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी अंकित किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र होता है और यदि वहां का वातावरण सकारात्मक न रहे तो इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अभिभावक प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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