Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: पानी बना काला जहर, आदर्श बिहार सोसाइटी में स्वास्थ्य से छेडखार 

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Pankaj Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 05/05/2026 03:11:43 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Pankaj Kumar ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 05/05/2026 03:11:43 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित 'आदर्श बिहार सोसाइटी' में मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है। यहाँ के निवासी इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मामला जलापूर्ति से जुड़ा है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से

विस्तार

उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 स्थित 'आदर्श बिहार सोसाइटी' में मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है। यहाँ के निवासी इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मामला जलापूर्ति से जुड़ा है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से नलों से पानी की जगह 'काला जहर' जैसा दूषित जल निकल रहा है। क्या है पूरा मामला? सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि जब भी जल विभाग द्वारा पानी की सप्लाई चालू की जाती है, तो शुरुआती काफी समय तक बेहद गंदा और बदबूदार पानी आता है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बाल्टी में भरा पानी पूरी तरह काला और मटमैला है। पानी से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण घरों में खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है।

सीवर मिक्सिंग की आशंका: स्थानीय निवासी मनोज उपाध्याय ने बताया कि पानी की स्थिति देखकर ऐसा लगता है जैसे पेयजल की पाइपलाइन में कहीं सीवर का गंदा पानी मिल रहा है। निवासियों का कहना है कि हम इस पानी से हाथ तक नहीं धो सकते, पीना तो बहुत दूर की बात है। अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो सेक्टर में कोई बड़ी महामारी फैल सकती है।

स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा: दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा संबंधी रोगों Skin Infection और पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सोसाइटी के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन अभी तक ज़मीनी स्तर पर कोई सुधार देखने को नहीं मिला है।

प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल: करोड़ों का टैक्स वसूलने वाला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण GNIDA क्या जनता को साफ पानी देने में भी असमर्थ है? आदर्श बिहार सोसाइटी के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि न्यूज़ प्रकाशित होने के बाद क्या सोता हुआ प्रशासन जागेगा या निवासियों को ऐसे ही 'काला जहर' पीने पर मजबूर होना पड़ेगा?