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गुजरात: डांग जिले में महिला सशक्तिकरण की मिसाल: 41 हजार से अधिक महिलाएं बनीं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर

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गुजरात  Published by: Gheesaram Fuaji Choudhary , Date: 09/03/2026 12:38:36 pm Share:
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  • 09/03/2026 12:38:36 pm
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संक्षेप

गुजरात: डांग जिले की'महिला सशक्तिकरण' के साथ 'आत्मनिर्भर भारत निर्माण' की दिशा में गुजरात के सीमावर्ती डांग जिले ने एक मजबूत कदम बढ़ाया है। ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डांग जिला ग्रामीण विकास

विस्तार

गुजरात: डांग जिले की'महिला सशक्तिकरण' के साथ 'आत्मनिर्भर भारत निर्माण' की दिशा में गुजरात के सीमावर्ती डांग जिले ने एक मजबूत कदम बढ़ाया है। ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डांग जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के तहत संचालित 'मिशन मंगलम' योजना के जरिए वर्ष 2011 से 2025 तक जिले में कुल 4128 'सखी मंडलों' (स्वयं सहायता समूहों) का गठन कर उनके सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किया गया है स्वरोजगार और उत्पादन गतिविधियां
इन समूहों में से 650 से अधिक मंडलों की बहनें विभिन्न प्रकार के व्यवसायों से जुड़ी हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: नागली (रागी) उत्पाद: नागली से बनी विभिन्न खाद्य वस्तुएं। हस्तशिल्प और कृषि: बांस का काम, मशरूम उत्पादन और हल्दी प्रसंस्करण (यूनिट)। लघु उद्योग: सिलाई काम, काजू प्रोसेसिंग और चॉकलेट उत्पाद।
पशुपालन और सेवा क्षेत्र: पोल्ट्री फार्म और 'नाहरी' (स्थानीय व्यंजन) रेस्टोरेंट।
जिला प्रशासन द्वारा इन स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए इन्हें ग्रामीण हाट और क्षेत्रीय मेलों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आजीविका में वृद्धि हो सके। वित्तीय सहायता और बचत का महत्व इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य महिलाओं को निजी साहूकारों के ऊंचे ब्याज के चक्रजाल से बचाना है। आर्थिक गतिविधियों और छोटी-छोटी बचत के कारण सखी मंडल की बहनें अब अपनी वित्तीय जरूरतों को आपस में ही पूरा कर रही हैं।


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