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मध्य प्रदेश: हजारों महिलाओं ने किया शीतला माता का पूजन, घर में सुख-शांति व पति की दीर्घायु की कामना
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: नगर की पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में आज तड़के सुबह से ही श्रद्धालु महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में महिलाओं ने विधि-विधान से माता शीतला का पूजन कर परिवार की
विस्तार
मध्य प्रदेश: नगर की पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में आज तड़के सुबह से ही श्रद्धालु महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में महिलाओं ने विधि-विधान से माता शीतला का पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, घर में शांति तथा पति की दीर्घायु की कामना की। सुबह करीब 4 बजे से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था, जो देर तक लगातार चलता रहा। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता शीतला गधे पर सवार रहती हैं और उनके हाथ में झाड़ू, कलश तथा नीम की पत्तियां होती हैं। झाड़ू से वे रोगों का नाश करती हैं और कलश से अमृत जल छिड़ककर भक्तों को स्वास्थ्य प्रदान करती हैं। शीतला पूजन की परंपरा शीतला माता का पूजन प्राचीन समय से ही विशेष आस्था के साथ किया जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करती हैं और बिना चूल्हा जलाए ठंडा भोजन माता को अर्पित करती हैं। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों की मंगलकामना करते हुए माता से आशीर्वाद मांगा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शीतला माता की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार के सदस्यों को रोगों से सुरक्षा मिलती है।पूजन से मिलने वाले लाभ माता शीतला की पूजा को अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। परिवार के सदस्यों को रोग-व्याधियों से रक्षा मिलती है। पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है। बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए माता का विशेष आशीर्वाद मिलता है। नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर घर में सकारात्मक वातावरण बनता है मंदिर में रहा श्रद्धा का माहौल आज पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने माता के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना की और प्रसाद वितरित किया। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में दीप प्रज्वलित कर परिवार की खुशहाली की कामना की। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार नगर की पुरानी बस्ती में स्थित यह शीतला माता मंदिर वर्षों पुराना है और यहां की माता के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। हर वर्ष इस अवसर पर हजारों महिलाएं यहां पहुंचकर पूजा करती हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
नगर में शीतला माता का यह एकमात्र मंदिर होने के कारण आसपास के मोहल्लों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी महिलाएं बड़ी संख्या में यहां पहुंचीं। मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अनोखा वातावरण देखने को मिला। महिलाओं ने माता को ठंडे पकवान, दही-बड़े, पूरी, हलवा और अन्य प्रसाद अर्पित कर परिवार के कल्याण की प्रार्थना की। माता शीतला का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि माता शीतला अपने भक्तों को विशेष रूप से चेचक, त्वचा रोग और संक्रामक बीमारियों से बचाती हैं। शास्त्रों में माता को मां दुर्गा का ही एक रूप बताया गया है, जो अपने भक्तों को कष्टों से मुक्ति प्रदान करती हैं।
इस तरह पूरे नगर में आज शीतला माता के पूजन को लेकर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने माता से परिवार की खुशहाली व समृद्धि की प्रार्थना की।
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