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मध्य प्रदेश: छात्रों का गौशाला भ्रमण, गौसेवा व नैतिक मूल्यों की मिली सिख 

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , Date: 03/04/2026 03:23:50 pm Share:
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  • 03/04/2026 03:23:50 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पोरसा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के अंतर्गत विद्यार्थियों का एक प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण स्थानीय नागाजी गौशाला में आयोजित किया गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: पोरसा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के अंतर्गत विद्यार्थियों का एक प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण स्थानीय नागाजी गौशाला में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ब्लॉक समन्वयक राधा शरण पुरोहित के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भ्रमण के दौरान गोशाला संचालक संत श्री ब्रजकिशोर पागल दास बाबा के सान्निध्य में विद्यार्थियों को गौशाला की व्यवस्थाओं, गौसेवा के महत्व एवं भारतीय संस्कृति में गौमाता के विशेष स्थान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संत श्री ब्रजकिशोर पागल दास बाबा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौसेवा भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग है और गौशालाएं समाज में सेवा, करुणा तथा पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देती हैं। गाय की परवरिश करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है गाय का दूध बहुत उपयोगी है, जिन बच्चों को गाय का दूध पीने को मिलता है उनकी याद दास्ता मेमोरी बहुत तेज होती है। गाय के घी बहुत ही पौष्टिक होता है तथा गो सेवा करने से पूण्य  लाभ प्राप्त होकर जीवन खुशहाल बनता है। विद्यार्थियों ने गौशाला का भ्रमण कर पशुपालन, देखभाल और सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा। इस दौरान उन्हें व्यवहारिक ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा भी मिली।

कार्यक्रम में परामर्शदाता मनीष शिवहरे, कृष्ण चंद्र दीक्षित, संतोष शर्मा, सरिता तोमर एवं अंजली तोमर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें समाज सेवा और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। भ्रमण में शिवाकर, सूरज, शिवम, अनिकेत, आशुतोष, गौरव, प्रिया, अनुभा, दिव्या, सिमरन, अंजली, खुशी, सोनिया, आकांक्षा, मीना, खुशबू, जितेंद्र सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ समाज, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सेवा, संवेदना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया, जो उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।