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राजस्थान: नागौर में डीएलएसए सचिव का औचक निरीक्षण, वन स्टॉप सेंटर से जेल तक व्यवस्थाएं जांचीं
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संक्षेप
राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजय कुमार मालवीया ने नागौर स्थित वन स्टॉप सेंटर, पालना गृह, राजकीय सम्प्रेषण गृह और जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।
विस्तार
राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजय कुमार मालवीया ने नागौर स्थित वन स्टॉप सेंटर, पालना गृह, राजकीय सम्प्रेषण गृह और जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और जरूरतमंदों को दी जा रही सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण की शुरुआत वन स्टॉप सेंटर से हुई। सचिव मालवीया ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेखों और पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जा रही सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। इसके बाद उन्होंने पुराना अस्पताल परिसर स्थित पालना गृह का निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। इसके पश्चात सचिव ने राजकीय सम्प्रेषण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां आवासित एवं विधि से संघर्षरत बालकों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही बालकों के हितों की सुरक्षा और उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के अगले चरण में जिला कारागार, नागौर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। सचिव मालवीया ने कारागार में संचालित “मुलाकात से न्याय तक” लीगल हेल्प डेस्क और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष का अवलोकन किया। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी ली। सचिव ने बंदियों से संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की और उन्हें उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पात्र बंदियों को समय पर आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध हो।इस दौरान कारागार की साफ-सफाई, पेयजल और भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और बंदियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता की अध्यक्ष तारा अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के साथ महिलाओं, बच्चों और बंदियों के अधिकारों एवं सुविधाओं की स्थिति सुनिश्चित करना रहा।
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