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राजस्थान: डीएलएसए सचिव ने नागौर के स्टॉप सेंटर, बाल गृह और जेल का किया औचक निरीक्षण

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राजस्थान  Published by: Manoj Kumar Chordiya , राजस्थान  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 08/08/2026 10:32:33 am Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 08/08/2026 10:32:33 am
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संक्षेप

राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता की ओर से नागौर में विभिन्न संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया।

विस्तार

राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता की ओर से नागौर में विभिन्न संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता की अध्यक्ष तारा अग्रवाल के मार्गदर्शन में डीएलएसए सचिव संजय कुमार मालवीया (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने वन स्टॉप सेंटर, पालना गृह, राजकीय सम्प्रेषण गृह और जिला कारागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत नागौर स्थित वन स्टॉप सेंटर से हुई। सचिव मालवीया ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेखों और पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और पीड़ित महिलाओं को समय पर आवश्यक सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

इसके बाद सचिव ने पुराना अस्पताल परिसर स्थित पालना गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। इसके पश्चात राजकीय सम्प्रेषण गृह का निरीक्षण किया गया। यहां सचिव मालवीया ने विधि से संघर्षरत एवं गृह में आवासित बालकों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को बालकों के हितों की सुरक्षा के साथ उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंतिम चरण में सचिव ने जिला कारागार, नागौर का जायजा लिया। उन्होंने कारागार में संचालित “मुलाकात से न्याय तक” लीगल हेल्प डेस्क और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष का अवलोकन किया। इस दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी ली गई।

सचिव मालवीया ने बंदियों से संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने बंदियों को जरूरत पड़ने पर निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ लेने के लिए भी जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान जिला कारागार में साफ-सफाई, पेयजल और भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। औचक निरीक्षण का उद्देश्य संबंधित संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने के साथ जरूरतमंदों, बच्चों, महिलाओं और बंदियों को उनके अधिकारों एवं आवश्यक सुविधाओं का उचित लाभ सुनिश्चित करना रहा।

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