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उत्तर प्रदेश: संघ के 100 वर्ष समाज जागरण से राष्ट्र निर्माण तक की यात्रा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 27/04/2026 10:20:34 am Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 27/04/2026 10:20:34 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्री रामलाल जी ने कहा कि संघ कार्य के 100 वर्ष पूर्ण होना केवल एक संगठन की उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज जागरण, संगठन और राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा का प्रतीक है

विस्तार

उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्री रामलाल जी ने कहा कि संघ कार्य के 100 वर्ष पूर्ण होना केवल एक संगठन की उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज जागरण, संगठन और राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य समाज को जागृत करना, संगठित करना और सक्रिय बनाना है। यह कार्य निस्वार्थ सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति पर आधारित है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बरेली महानगर द्वारा अर्बन हाट सभागार में आयोजि “युवा उद्यमी संगोष्ठी” में मुख्य वक्ता श्री रामलाल जी ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने निस्वार्थ सेवा, व्यक्ति निरपेक्षता और आत्मनिर्भरता के तीन महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर संघ की नींव रखी। उन्होंने कहा कि संघ किसी सरकार, उद्योगपति या बाहरी सहायता पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि स्वयंसेवकों के समर्पण से चलता है। इसी कारण संघ कभी झुका नहीं, डरा नहीं और निरंतर राष्ट्रसेवा में सक्रिय रहा।

श्री रामलाल जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है और आने वाले वर्षों में यही युवा शक्ति भारत को विश्व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि नवाचार, शोध, तकनीकी कौशल और आत्मनिर्भरता के माध्यम से युवा उद्यमी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना भी राष्ट्रसेवा का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जो उत्पाद विदेशों में बन सकते हैं, वे भारत में भी बन सकते हैं आवश्यकता केवल सही दिशा और आत्मविश्वास की है। अध्यक्षीय उद्बोधन में भारतीय उद्योग संघ (आईआईए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश गोयल जी ने कहा कि यहाँ उपस्थित प्रत्येक उद्यमी अपने-अपने क्षेत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो बरेली महानगर की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत में नवाचार शोध और नई तकनीकी को अपनाना समय की आवश्यकता है।

अध्यक्ष के उदबोधन के बाद प्रश्नोत्तर सत्र में रामलाल जी से युवा उद्यमियों ने नौकरशाही, नई पीढ़ी की महत्वाकांक्षा, पारिवारिक संस्कार, शिक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उद्योग, खेल उद्योग तथा मातृभाषा आधारित शिक्षा जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे। श्री रामलाल जी ने कहा कि लालफीताशाही की चुनौतियों से धैर्य, सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ निपटना चाहिए।  नई पीढ़ी में बढ़ते तनाव और अवसाद पर उन्होंने “कुटुंब प्रबोधन” की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि परिवार में सप्ताह में एक बार सभी सदस्यों को बिना मोबाइल और टेलीविजन के साथ बैठकर संवाद करना चाहिए। इससे बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास होता है। कार्यक्रम का संचालन सह महानगर कार्यवाह आलोक प्रकाश जी  ने किया। कार्यक्रम में प्रांत संघचालक श्री शशांक भाटिया जी सह महानगर संघचालक श्री अनुपम जी, सह प्रांत प्रचारक श्री विनोद जी, विभाग प्रचारक श्री कृष्ण कुमार जी, आदित्य प्रकाश धनंजय विक्रम सिंह संभव शील, अभिनव कटरू, मनवीर सेठी,, आशुतोष शर्मा, निशांत अग्रवाल, शशांक अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, विशाल अरोडा, पवन अरोडा आदि उपस्थित रहे।

इससे पूर्व अर्बन हाट साभागार में महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्री रामलाल जी ने कहा कि आज हमारी मातृशक्ति ने समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान और सैन्य सेवा जैसे क्षेत्र में भी बहनों ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसके साथ ही परिवार को संस्कार देना और अपनी संस्कृति को बचाए रखने में भी मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि परिवार संगठित रहे, बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़े रहें और हम विकास  क्षितिज की ओर अग्रसर होते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें इसमें मातृशक्ति की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। गोष्ठी का संचालन सोनल अग्रवाल और संयोजन गरिमा कश्यप ने किया। इस अवसर पर चंद्रप्रभा, सरोज अग्रवाल, पूजा बास, साधना सिंह आदि उपस्थित रहे।