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उत्तर प्रदेश: प्लास्टिक प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भाकियू ने सौंपा ज्ञापन

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उत्तर प्रदेश  Published by: Rajnesh shrivastav , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 07/08/2026 04:24:46 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली में पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री एवं जिलाधिकारी बरेली के नाम ज्ञापन सौंपा।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली में पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री एवं जिलाधिकारी बरेली के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्लास्टिक कचरे पर प्रभावी नियंत्रण, बेहतर कचरा प्रबंधन, जलभराव की समस्या के समाधान और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से जिला प्रवक्ता मोहम्मद इकबाल एडवोकेट के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समीर, जय सिंह यादव, राजा, राकेश कुमार, रामविलास सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

ज्ञापन में कहा गया कि गांवों से लेकर शहरों तक नालियां और नाले पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलों, रेपर और थर्माकोल जैसे कचरे से पटे पड़े हैं। इसके कारण जल निकासी बाधित हो रही है और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है। संगठन का कहना है कि गंदगी और रुके हुए पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। भाकियू (टिकैत) ने प्लास्टिक कचरे के खेतों और नदियों तक पहुंचने पर भी चिंता व्यक्त की। संगठन का कहना है कि प्लास्टिक प्रदूषण से कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है और पर्यावरण संतुलन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से पॉलीथिन, थर्माकोल और अत्यधिक प्लास्टिक पैकेजिंग के विकल्प विकसित करने तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देने की मांग की। साथ ही ऐसे उत्पादों के निर्माण और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने की भी अपील की, जिनसे बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है।

ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था सुधारने, नालियों की नियमित सफाई कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग की गई। इसके अलावा पौधरोपण अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने तथा वन्यजीवों और आवारा पशुओं की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन से आग्रह किया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।

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