-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: कैंसर से जंग हार गए मेडिकल छात्र हिमांशु सिंह, अस्पताल में तोड़ा दम
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा गुम्मा में रविवार रात एक दुखद घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा गुम्मा में रविवार रात एक दुखद घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। गांव निवासी हिमांशु सिंह उर्फ चुलबुल सिंह, पुत्र घनश्याम सिंह, का गंभीर कैंसर बीमारी के चलते 21 जून 2026 की रात निधन हो गया। हिमांशु लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में मातम का माहौल फैल गया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के अनुसार हिमांशु पिछले करीब 10 महीनों से कैंसर का इलाज करा रहे थे। बीमारी के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। बताया जा रहा है कि वह लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे और अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर बेहद गंभीर थे। पिछले दो महीनों से उनकी तबीयत अधिक खराब चल रही थी, जिसके बाद उनका लगातार इलाज चल रहा था। रविवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। हिमांशु अपने परिवार में सबसे छोटे थे। परिवार में बड़े भाई अनुराग सिंह के अलावा उनकी चार बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनके चाचा अजीत उर्फ मुन्ना सिंह, माता किरण सिंह तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि हिमांशु बेहद मिलनसार और मेहनती स्वभाव के थे। बीमारी के कठिन दौर में भी उन्होंने कभी अपने हौसले को कमजोर नहीं पड़ने दिया। हिमांशु के निधन की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे। रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार को सांत्वना दी। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल बना रहा और हर किसी की जुबान पर हिमांशु की संघर्षपूर्ण जिंदगी की चर्चा होती रही। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे गाजीपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से हिमांशु को अंतिम विदाई दी। उनके असमय निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। गांव के लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
