Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: बरेली में 4 किलो अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार: 20 लाख की खेप बरामद, झारखंड–पंजाब तक फैला नेटवर्क उजागर

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , Date: 13/02/2026 04:38:26 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Raju(UP) ,
  • Date:
  • 13/02/2026 04:38:26 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) यूनिट और सुभाषनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध अफीम तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 4 किलोग्राम अफीम के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) यूनिट और सुभाषनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध अफीम तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 4 किलोग्राम अफीम के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई सूचना के आधार पर की गई पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र (34) निवासी ग्राम बरसेर, थाना सिरौली, जनपद बरेली को मदर्स पब्लिक स्कूल से करीब 150 मीटर आगे रामगंगा रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क से पकड़ा गया। उसके कब्जे से 4 किलो अफीम, एक मोबाइल फोन और 3400 रुपये नकद बरामद हुए पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी ‘गुड्डू’ निवासी लमारी गांव के साथ मिलकर तस्करी करता था। गुड्डू के झारखंड में संपर्क हैं, जहां से अफीम मंगाई जाती थी। वीरेंद्र झारखंड जाकर माल लाता और गुड्डू को सौंप देता था। इसके बाद गुड्डू इस खेप को पंजाब तक सप्लाई करता था।

 मुनाफा दोनों आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार, यह मामला अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है गिरफ्तार वीरेंद्र के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना सुभाषनगर (बरेली) और थाना बिनावर (बदायूं) में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया है पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी ‘गुड्डू’ की तलाश की जा रही है और झारखंड कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी इस अभियान में निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विकास यादव, उपनिरीक्षक होराम, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल लख्मी चंद और कांस्टेबल सूरज कुमार की अहम भूमिका रही।