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मध्य प्रदेश: बढ़ती महंगाई ने बढ़ाईं आम जनता की मुश्किलें, पेट्रोल-डीजल के दामों का हर घर पर असर
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: रतलाम और पूरे देश में महंगाई के बढ़ते दामों से माध्यम वर्ग के लोगों को आज बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 1950 से 2026 तक पेट्रोल-डीजल और महंगाई दर। एक समय था जब भारत में
विस्तार
मध्य प्रदेश: रतलाम और पूरे देश में महंगाई के बढ़ते दामों से माध्यम वर्ग के लोगों को आज बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 1950 से 2026 तक पेट्रोल-डीजल और महंगाई दर। एक समय था जब भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पैसों में हुआ करती थीं। वर्ष 1950 में पेट्रोल लगभग 49 पैसे प्रति लीटर और 1960 में करीब 71 पैसे प्रति लीटर था। आज वही पेट्रोल कई शहरों में 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है, जबकि डीजल भी 90 से 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुका है। पेट्रोल के पुराने और वर्तमान भाव वर्ष पेट्रोल कीमत (लगभग) 1950 49 पैसे/लीटर 1960 71 पैसे/लीटर 1970 1.80 रुपये/लीटर
1990 8 रुपये/लीटर 2000 26 रुपये/लीटर 202 100 रुपये से अधिक
100 रुपये के आसपास या उससे अधिक
महंगाई पर असर पेट्रोल और डीजल केवल वाहन चलाने का साधन नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जब ईंधन महंगा होता है तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है, जिसका सीधा असर सब्जी, फल, अनाज, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ता है। किसानों की लागत बढ़ती है, माल ढुलाई महंगी होती है और अंततः आम जनता को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। 1950 में जिस पेट्रोल की कीमत 49 पैसे प्रति लीटर थी, आज वही पेट्रोल 100 रुपये के पार पहुंच गया है। डीजल के बढ़ते दामों ने आम आदमी की रसोई से लेकर बाजार तक हर चीज को प्रभावित किया है। सब्जी, फल, दूध, अनाज और यातायात का खर्च लगातार बढ़ रहा है। सवाल यह है कि बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता को आखिर कब राहत मिलेगी? ईंधन की कीमतों में हर बढ़ोतरी सीधे जनता की जेब पर असर डालती है और महंगाई को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा देती है।
