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बिहार: मगही साहित्य जगत को बड़ा झटका, जय बाबू और डॉ. संजय सिन्हा के निधन से दिखी शोक की लहर

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बिहार  Published by: Sanjay Kumar Verma , बिहार  Edited By: Kunal, Date: 20/05/2026 04:54:14 pm Share:
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  • Published by.: Sanjay Kumar Verma ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 20/05/2026 04:54:14 pm
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संक्षेप

बिहार: नवादा में 20 मई को प्रगतिशील लेखक संघ प्रलेस जिला शाखा नवादा ने मगही भाषा के प्रखर गीतकार जय बाबू और प्रेमचंद साहित्यिक मंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिन्हा के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

विस्तार

बिहार: नवादा में 20 मई को प्रगतिशील लेखक संघ प्रलेस जिला शाखा नवादा ने मगही भाषा के प्रखर गीतकार जय बाबू और प्रेमचंद साहित्यिक मंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिन्हा के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। प्रलेस पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि भाषा साहित्य के छतनार वृक्ष से जब कोई डाली टूटती है तो केवल छाया का विस्तार ही नहीं टूटता, बल्कि आश्रय पाने वाले प्रतिरोध के चूज़े भी कुम्हलाने लगते हैं।

प्रलेस के अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद सिंह, सचिव अशोक समदर्शी, कार्यकारी अध्यक्ष परमानंद सिंह, कोषाध्यक्ष शंभू विश्वकर्मा, शिक्षाविद अवधेश कुमार तथा पेंशनर एसोसिएशन के सचिव भुवनेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि जय बाबू ने मगही गीतों के सौंदर्यशास्त्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, वहीं डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने जिले में प्रेमचंद की साहित्यिक विरासत को लंबे समय तक जीवित रखा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 16 अप्रैल को जयप्रकाश उर्फ जय बाबू के निधन से साहित्यकारों के आंसू सूखे भी नहीं थे कि 17 मई को डॉ. संजय सिन्हा के निधन की खबर ने पूरे साहित्यिक जगत को झकझोर दिया। 

दोनों साहित्यकारों की रचनाधर्मिता, भाषा आंदोलन में उनकी अग्रणी भूमिका और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रलेस ने बताया कि पिछले वर्ष जयप्रकाश को “मगही मुरेठा सम्मान” से सम्मानित किया गया था, जिसमें डॉ. संजय सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। लंबे समय से किडनी रोग से पीड़ित डॉ. सिन्हा डायलिसिस पर थे। मगधेश के नाम से विख्यात साहित्यकार श्री मिथलेश ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्यकारों की मृत्यु केवल स्थूल काया का अंत है, जबकि उनके आदर्श, भावनाएं और रचनाएं सदियों तक जीवित रहती हैं।