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दिल्ली: नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन–2026 संपन्न, मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण पर हुआ वैश्विक मंथन
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संक्षेप
दिल्ली: नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 08 फरवरी 2026 को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन–2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के लिए एक ऐतिहासिक,
विस्तार
दिल्ली: नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 08 फरवरी 2026 को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन–2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के लिए एक ऐतिहासिक, विचारोत्तेजक और गरिमामय आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अधिवेशन माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें देश के लगभग सभी राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, कानून विशेषज्ञों एवं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने व्यापक सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC), भारत सरकार से जुड़े माननीय पंकज कुमार, अधीक्षक (Customs & GST), पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री माननीय दुष्यंत गौतम, तथा एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय संरक्षक माननीय जय प्रकाश निषाद (पूर्व राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री) ने अपने विचार रखते हुए मानवाधिकारों को लोकतंत्र की आत्मा बताया। माननीय जय प्रकाश निषाद ने अपने राष्ट्रपतिीय संबोधन में संगठन की भूमिका और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। अधिवेशन के दौरान दो प्रमुख पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। पहली पैनल चर्चा का विषय “Crime Control vs Human Rights” रहा, जिसमें डिप्टी कमांडेंट, गृह मंत्रालय ,भारत सरकार डॉ. सुरेश प्रसाद वर्मा, दिल्ली पुलिस के सहायक आयुक्त दिनेश कुमार, एमिटी विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. एकता गुप्ता, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह, भारत सरकार के पैनल काउंसिल एवं एनएचआरसीसीबी के विधिक सलाहकार विकास तिवारी, साइबर विशेषज्ञ अंशुल सक्सेना तथा राजनीतिक विश्लेषक परमजीत सिंह ने कानून, सुरक्षा और मानवाधिकारों के संतुलन पर सारगर्भित विचार रखे। इस सत्र का समापन छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री जतिंदर पाल सिंह द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। दूसरी पैनल चर्चा का विषय “Human Rights in the Digital Age” रहा। एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रवीण रॉय ने स्वागत भाषण दिया। इस सत्र में भारत सरकार के राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवं फिल्म निर्माता सत्यम मिश्रा, जीएसटी विभाग उत्तर प्रदेश के सहायक आयुक्त श्याम सुंदर पाठक, राजनीति की पाठशाला के संस्थापक अजय पांडे तथा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली की निदेशक डॉ. प्रिया माथुर ने डिजिटल युग में मानवाधिकारों की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार साझा किए। अधिवेशन के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि स्वतंत्र निदेशक इंजीनियर इंडिया लिमिटेड एवं इंटरनेशनल फेम श्रीमती करुणा गोपाल , बतौर विशिष्ट अतिथि नोबेल मेडिकल कॉलेज के निदेशक श्री निरंजन कुमार , जोनल रेलवे मेंबर , रेलवे बोर्ड,भारत सरकार के सदस्य श्री सौम्या रंजन प्रधान उपस्थित रहे , इस सत्र का वोट ऑफ थैंक्स श्री पंकज रंजित , राष्ट्रीय मीडिया पदाधिकारी उपस्थित रहे । समापन सत्र में संस्था की वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया गया , जिसमें संस्था के जारी विभिन्न गतिविधियां को लेकर जागरूक किया गया है ।
अधिवेशन का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें रूस दूतावास की प्रथम सचिव माननीया क्रिस्टीना अनानीना ने बतौर विशिष्ट अतिथि अपने संबोधन में मानवाधिकारों को वैश्विक शांति और आपसी सहयोग की आधारशिला बताया। इसके पश्चात अधिवेशन के स्मारिका (Souvenir) का विमोचन किया गया।
अधिवेशन के दौरान राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार–2026 समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सभी पैनलिस्ट एवं विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक अभिनंदन किया गया। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में संगठन के कई पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। राष्ट्रीय सचिव श्री गिरिश चंद्रा, प्रवीण राय , दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिरंजन कुमार, प्रदेश महासचिव श्री शेर सिंह , कानूनी सलाहकार विकास तिवारी, राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर प्रभात मिश्रा, राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार, श्री सुरेश पुरोहित, श्री देवी प्रसाद साहू, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री जतिंदर पाल सिंह, तथा हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहिंदर पाल धानिया ने समन्वय, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। अधिवेशन के समापन अवसर पर हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहिंदर पाल धानिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभर में मानवाधिकार चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक साझा संकल्प है। अपने समापन संदेश में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि यह अधिवेशन इस बात का प्रमाण है कि जब देश के विभिन्न प्रदेशों के लोग एक मंच पर आकर संवाद करते हैं, तो मानवाधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। उन्होंने सभी प्रदेशों की सहभागिता, अनुशासन और समर्पण की प्रशंसा की। राष्ट्रीय को ऑर्डिनेटर श्री प्रभात मिश्रा ने समस्त पदाधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें मानवाधिकार के लिए कार्य करने को प्रोत्साहित किया। अधिवेशन का समापन संवैधानिक मूल्यों, मानव गरिमा और सामाजिक न्याय के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ हुआ।