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मध्य प्रदेश: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, भव्य रथयात्रा में गूंजे जय जगन्नाथ के जयकारे
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन में किसी भी पात्र गर्भवती महिला का नाम नहीं छूटना चाहिए तथा योजना का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
विस्तार
मध्य प्रदेश: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन में किसी भी पात्र गर्भवती महिला का नाम नहीं छूटना चाहिए तथा योजना का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कलेक्टर श्री जांगिड़ गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं, पोषण गतिविधियों तथा शिकायत निवारण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सैम गंभीर कुपोषित एवं मैम मध्यम कुपोषित श्रेणी के बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन एवं एनरोलमेंट सुनिश्चित किया जाए तथा जिले के सभी पोषण पुनर्वास केन्द्र एनआरसी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रहें, जिससे कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत बालिकाओं के जन्म प्रमाण-पत्र ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से तैयार कराकर हितग्राहियों को सम्मानपूर्वक वितरित किए जाएं। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए आरसीएच आईडी अद्यतन करने के कार्य में महिला एवं बाल विकास विभाग को सक्रिय एवं समन्वित भूमिका निभाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने 100 दिवस से अधिक अवधि से लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी के खाते में पोर्टल पर लंबित शिकायतों की संख्या दो अंकों में दिखाई नहीं देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत प्रदान करने वाला होना चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों एवं आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री ओ.पी. पांडे, जिले के समस्त परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास सीडीपीओ तथा पर्यवेक्षकगण उपस्थित रहे।
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