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मध्य प्रदेश: आंबेडकर प्रतिमा तोड़फोड़ पर सियासत हुई तेज, कांग्रेस पर लगे गंभीर आरोप
 

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मध्य प्रदेश  Published by: Fulchand Malviya , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 02/05/2026 05:54:57 pm Share:
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  • Published by.: Fulchand Malviya ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 02/05/2026 05:54:57 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: इंदौर के रेवती क्षेत्र में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना ने अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम का रूप ले लिया है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: इंदौर के रेवती क्षेत्र में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना ने अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम का रूप ले लिया है। मिशन महाराजा बली सेना की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंकिता वर्मा ने इस मामले में कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। अंकिता वर्मा ने कांग्रेस की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज जो कांग्रेस बाबा साहब का नाम लेकर राजनीति कर रही है। वह असल में बहुजन समाज को गुमराह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर शुरू से ही कांग्रेस के ध्रुव विरोधी थे। उन्होंने आजीवन कांग्रेस की नीतियों का विरोध किया क्योंकि कांग्रेस कभी किसी का भला करना नहीं चाहती थी। अंकिता वर्मा ने आगे आरोप लगाया कि बहुजन समाज के लिए अगर कोई सबसे बड़ी दुश्मन है, तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। 

ऐतिहासिक सत्य और वर्तमान राजनीति

अंकिता वर्मा ने याद दिलाया कि बाबा साहब कभी कांग्रेस के सदस्य नहीं रहे और उन्होंने सदैव निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी राह चुनी उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही कांग्रेस है, जिसने बाबा साहब को चुनाव हरवाया था। वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इंदौर जिले से आने वाले जीतू पटवारी जैसे नेता इस घटना पर चुप रहकर अपनी असलियत दिखा रहे हैं। कांग्रेस केवल वोट के लिए बाबा साहब का नाम जपती है, लेकिन उनके सम्मान की बात आने पर मौन हो जाती है। 

प्रशासन और सरकार पर कलंक

अंकिता वर्मा का आरोप है कि इंदौर जैसे स्वच्छता में अग्रणी शहर में बाबा साहब की प्रतिमा का खंडित होना सरकार के माथे पर कलंक है। मिशन महाराजा बली सेना द्वारा दिए गए 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन की निष्क्रियता यह साबित करती है कि यह एक कुप्रशासनिक व्यवस्था है। बाबा साहब के सम्मान की खातिर अंकिता वर्मा ने युद्ध स्तर के संवैधानिक आंदोलन की घोषणा कर दी है वे स्वयं रेवती पहुँच रही हैं और उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी संगठन की मांग है कि दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए, वरना पूरा बहुजन समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।