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 मध्य प्रदेश: निजी स्कूलों का हुआ निरीक्षण, नियम तोड़ने पर कार्रवाई की हुआ दी चेतावनी

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 16/07/2026 03:01:44 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 16/07/2026 03:01:44 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: शासन के निर्देशों के अनुपालन में पोरसा विकासखंड के निजी विद्यालयों का निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: शासन के निर्देशों के अनुपालन में पोरसा विकासखंड के निजी विद्यालयों का निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह तोमर एवं बीआरसी शैलेंद्र सिंह तोमर ने विभिन्न अशासकीय विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यालय संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाली महंगी एवं निजी प्रकाशकों की किताबें नहीं चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान ऐसी किताबें चलती हुई पाई जाती हैं, तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से अभिभावकों एवं अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ निजी विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कराई जा रही हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण अभियान चलाया गया।

निरीक्षण के दौरान बीईओ नरेंद्र सिंह तोमर एवं बीआरसी शैलेंद्र सिंह तोमर ने लगभग छह अशासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जहां शासन के निर्देशों के विपरीत स्थिति दिखाई दी, वहां संबंधित संस्था संचालकों को नोटिस जारी कर भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई शासन द्वारा स्वीकृत एवं निर्धारित पुस्तकों से ही कराई जाए। ऐसी व्यवस्था न केवल शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता बनाए रखती है, बल्कि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी कम करती है। बीआरसी शैलेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। निजी विद्यालयों के साथ-साथ निजी कोचिंग संस्थानों की भी समय-समय पर जांच की जाएगी। यदि किसी संस्था में शासन के निर्देशों का उल्लंघन पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी निजी विद्यालय संचालकों से अपील की है कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित पाठ्यक्रम एवं स्वीकृत पुस्तकों से ही शिक्षण कार्य संचालित करें।


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