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राजस्थान: विजयादशमी पर ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी में होगी नवीन शिखर कलश की स्थापना, ऑनलाइन दर्शन ऐप का भी होगा लोकार्पण

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राजस्थान  Published by: Abdul Latif , राजस्थान  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 19/10/2026 01:25:55 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: चांदपोल स्थित ऐतिहासिक ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी में विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को नवीन शिखर कलश स्थापना का भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा।

विस्तार

राजस्थान: चांदपोल स्थित ऐतिहासिक ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी में विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को नवीन शिखर कलश स्थापना का भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक आयोजित होने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान राजस्थान की उपमुख्यमंत्री माननीया श्रीमती दीया कुमारी जी के उपस्थिति में संपन्न होगा। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधान के साथ मंदिर के शिखर पर नवीन कलश की प्रतिष्ठा की जाएगी। समारोह में जयपुर के प्रमुख धर्मस्थलों के महंतों, संत-महात्माओं तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। ये कलश आठ धातुओं से बना है जिसमे सोना चाँदी तांबा जस्ता सीसा तीन लोहा पारा है । कलश यहाँ जयपुर में ही बनाया गया है नरेश अग्रवाल के द्वारा इसकी लंबाई छ फुट है और वजन करीबन तीस किलो आस पास है इसको बनाने का कार्य लगन चोघरड़िये देख कर ही करवाया गया है ।

132 वर्ष पुरानी धार्मिक विरासत का गौरवशाली अध्याय ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी जयपुर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। मंदिर का निर्माण वर्ष 1894 में राजमाता गुलाब कंवर जी धीरावत द्वारा करवाया गया था। अयोध्या के प्रसिद्ध कनक भवन की स्थापत्य परंपरा से प्रेरित इस मंदिर का निर्माण 18 वर्ष 9 माह की अवधि में पूर्ण हुआ था। उत्तरमुखी स्वरूप वाला यह भव्य दरबार अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्वता के कारण श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर के गौरवशाली इतिहास में शिखर पर नवीन कलश की पुनः स्थापना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। यह आयोजन मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों तक सनातन संस्कृति की विरासत पहुंचाने का भी प्रतीक होगा। कलश स्थापना वैदिक विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न की जाएगी।

धार्मिक परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का संगम समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने वाले मोबाइल ऐप का लोकार्पण होगा। सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और मंदिरों की परंपराओं को डिजिटल माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह ऐप भक्तों को तकनीक के माध्यम से अपने आराध्य से जुड़े रहने का नया अवसर प्रदान करेगा।
जयपुर के तकनीकी छात्रों द्वारा विकसित इस मोबाइल ऐप के माध्यम से श्रद्धालु घर बैठे मंदिरों के लाइव दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही धार्मिक सेवाओं एवं अन्य आध्यात्मिक सुविधाओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। विशेष रूप से देश-विदेश में निवास करने वाले ऐसे श्रद्धालुओं के लिए यह पहल उपयोगी साबित होगी, जो दूरी या अन्य कारणों से नियमित रूप से मंदिर नहीं पहुंच पाते हैं।

डिजिटल माध्यम से दर्शन की यह पहल धार्मिक आस्था को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे मंदिर की धार्मिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर श्रद्धालुओं तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में सहायता मिलेगी। संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों की रहेगी उपस्थिति मंदिर के महंत नरेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि नवीन शिखर कलश स्थापना एवं ऑनलाइन दर्शन मोबाइल ऐप के लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में धार्मिक जगत के संत-महात्माओं एवं विभिन्न मंदिरों के महंतों के साथ तकनीकी, बैंकिंग, वाणिज्यिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि यह आयोजन मंदिर की ऐतिहासिक परंपरा, धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर होगा। नवीन कलश की स्थापना जहां मंदिर की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को नई पहचान देगी, वहीं ऑनलाइन दर्शन ऐप श्रद्धालुओं को डिजिटल माध्यम से मंदिर से जुड़े रहने की सुविधा प्रदान करेगा।

आस्था, संस्कृति और तकनीक का ऐतिहासिक संगम विजयादशमी के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला यह समारोह जयपुर की समृद्ध धार्मिक परंपरा और आधुनिक तकनीकी विकास के समन्वय का प्रतीक बनेगा। एक ओर 132 वर्षों की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े मंदिर के शिखर पर नवीन कलश की स्थापना होगी, वहीं दूसरी ओर डिजिटल माध्यम से श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दर्शन की सुविधा समर्पित की जाएगी। ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी में आयोजित यह भव्य समारोह धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक संरक्षण और तकनीकी नवाचार के माध्यम से सनातन परंपराओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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