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राजस्थान: उदयपुर में कथित धर्म परिवर्तन मामले पर पुलिस की कार्रवाई, 11 लोग हिरासत में
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संक्षेप
राजस्थान: ऋषभदेव थाना इलाके में जबरन धर्म परिवर्तन का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के कानूवाड़ा बिलखाई गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में 100 से ज्यादा आदिवासी परिवारों को हिंदू धर्म से ईसाई धर्म स्वीकार करवाया जा रहा था।
विस्तार
राजस्थान: ऋषभदेव थाना इलाके में जबरन धर्म परिवर्तन का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के कानूवाड़ा बिलखाई गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में 100 से ज्यादा आदिवासी परिवारों को हिंदू धर्म से ईसाई धर्म स्वीकार करवाया जा रहा था। भनक लगते ही पुलिस ने मौके पर छापेमारी की और 11 लोगों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए लोगों में छत्तीसगढ़ और झारखंड के 3 पादरी भी शामिल हैं, जबकि बाकी 6 पादरी उदयपुर के ही रहने वाले हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। ऋषभदेव के बाद ऐसी ही एक बड़ी प्रार्थना सभा आने वाले दिनों में फलासिया में होने वाली थी। ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया कि यह पूरा मामला शनिवार सुबह करीब 11 बजे का है। गांव के ही रहने वाले बाबूलाल के नेतृत्व में पिछले 2 दिनों से यह कार्यक्रम चल रहा था। गांव के ही नानालाल नाम के व्यक्ति ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और मौके पर पहुंचकर 11 लोगों को डिटेन कर लिया। चमत्कार और पैसे का लालच देकर फंसा रहे थे गांव में पिछले 2 दिनों से चल रही इस प्रार्थना सभा में आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बुलाया गया था। पुलिस ने जब मौके पर दबिश दी, तब भी वहां 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इन लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायतकर्ता नानालाल ने पुलिस को बताया कि गरीब आदिवासियों को टारगेट कर पिछले कई दिनों से यहां जबरन धर्म परिवर्तन का माहौल बनाया जा रहा था। नानालाल को भी शुक्रवार को इस सभा में बुलाया गया था। वहां उन्हें पूरे परिवार समेत धर्म बदलने का लालच दिया गया। सभा में मौजूद पादरियों ने कहा कि हिंदू धर्म छोड़ दो, तुम्हारी सारी बीमारियां दूर हो जाएंगी और हर तरीके से आर्थिक लाभ भी मिलेगा। आदिवासियों को झांसे में लेने के लिए उनके खेतों में कुआं और ट्यूबवेल खुदवाने तक का ऑफर दिया गया था, ताकि गरीब लोग अपनी आर्थिक मजबूरी के कारण ईसाई धर्म अपना लें। मना करने पर दी जान से मारने की धमकी नानालाल ने जब हिंदू धर्म छोड़ने से साफ मना कर दिया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शनिवार सुबह भी धर्म स्वीकार नहीं करने पर स्थानीय आयोजकों ने उन्हें डराया-धमकाया। इसके बाद नानालाल ने हिम्मत दिखाई और सीधे थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। सूत्रों के अनुसार आयोजक इन दो दिनों में करीब 200 स्थानीय परिवारों को पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाने की पूरी तैयारी में थे। लेकिन पुलिस ने ऐन वक्त पर पहुंचकर उनकी इस साजिश को नाकाम कर दिया। इस कार्यक्रम में कुछ ऐसे परिवार भी शामिल हुए थे, जिन्होंने कुछ समय पहले ही हिंदू धर्म छोड़ दिया था। फिलहाल पुलिस पकड़े गए पादरियों और स्थानीय लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
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