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राजस्थान: झूठे मुकदमों के विरोध में ग्रामीणों का थाने के बाहर धरना, लीज निरस्त करने की मांग

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राजस्थान  Published by: Pappu Lal Sharma , Date: 05/02/2026 03:08:17 pm Share:
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  • 05/02/2026 03:08:17 pm
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संक्षेप

राजस्थान: नदी बचाओ आंदोलन के तहत आंदोलनकारीयो पर लीज धारक द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज कराने पर ग्रामीणोंमेंभारीआक्रोश :ग्रामीणों ने थाने के बाहर दिया धरना।            भीलवाड़ा

विस्तार

राजस्थान: नदी बचाओ आंदोलन के तहत आंदोलनकारीयो पर लीज धारक द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज कराने पर ग्रामीणोंमेंभारीआक्रोश :ग्रामीणों ने थाने के बाहर दिया धरना।            भीलवाड़ा जिले के फुलिया कला में बजरी खनन को लेकर विगत तीन दिनों से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है ।इसी कड़ी में आज लीज धारक द्वारा नदी बचाओ आंदोलनकारीयो पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने पर पुलिस द्वारा नामजदआरोपियों को पकड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तक दी ।इस पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। और पांचो गांवों के ग्रामीण इकट्ठा होकर पुलिस थाना फुलिया कला पर गांधीवादी तरीके से रामधुनी गाकर थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। लीज धारक द्वारा नियमों के विपरीत खनन कार्य करने से लीज निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन, निर्दोष ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज न करने की उठी मांग
फुलिया कला उपखंड क्षेत्र में बजरी प्लॉट (लीज) को निरस्त करने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों का आंदोलन आंदोलनरत किसानों का आरोप है कि बजरी ठेकेदार द्वारा आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से निर्दोष ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसमें गांव के साधारण किसान, मजदूर एवं ग्रामीण शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ निर्दोष लोगों को आरोपित किया जा रहा है। 

आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए ग्रामीणों की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर फुलिया कला क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना फुलिया कला पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन से निर्दोष ग्रामीणों के खिलाफ किसी भी प्रकार का मुकदमा  दर्ज नहीं करने की मांग की। ग्रामीणों ने इस संबंध में एक लिखित ज्ञापन जिला पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल बजरी लीज निरस्त कराने और क्षेत्र की कृषि भूमि, पर्यावरण एवं ग्रामीण जीवन को बचाने के उद्देश्य से है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध ही कार्रवाई करने तथा निर्दोष ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से राहत देने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन किसानों और ग्रामीणों में लीज धारक के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई एवं वार्ता को लेकर ग्रामीणों की निगाहें टिकी हुई हैं।