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उत्तर प्रदेश: ऑपरेशन कन्विक्शन का असर, जुआ खेलने के आरोपी को कोर्ट उठने तक की सजा
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी का असर एक बार फिर सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी का असर एक बार फिर सामने आया है। जुआ अधिनियम के मामले में न्यायालय ने आरोपी को न्यायालय उठने तक की न्यायिक अभिरक्षा और 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को दो दिन के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामला धनघटा क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 17 मई 2026 को थाना दुधारा के उपनिरीक्षक सोभनाथ ने जुआ खेलते समय जुनैद अहमद पुत्र आबिद अली निवासी मूड़ाडीहा बेग, थाना दुधारा, संतकबीरनगर को 52 ताश के पत्तों के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना दुधारा में मुकदमा अपराध संख्या 206/2026, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह ने साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले में अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी जय सिंह यादव ने प्रभावी पैरवी की, जबकि प्रभारी मॉनिटरिंग सेल निरीक्षक मनोज कुमार त्रिपाठी ने मामले की निगरानी की। जुर्म स्वीकार करने पर सुनाई सजा पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने के आधार पर माननीय न्यायालय सीजे (जेडी)/जेएम संतकबीरनगर ने धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा और 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दो दिन के साधारण कारावास का आदेश दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी अभियोजन पैरवी के जरिए अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
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