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उत्तर प्रदेश: बंजर भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप, लेखपाल की शिकायत के बाद भी FIR नहीं दर्ज होने पर उठे सवाल
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: नगर थाना क्षेत्र के खुटहन गांव के अटल नगर वार्ड नंबर चार में बंजर भूमि पर कथित अवैध कब्जे और पक्का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में बंजर दर्ज
विस्तार
उत्तर प्रदेश: नगर थाना क्षेत्र के खुटहन गांव के अटल नगर वार्ड नंबर चार में बंजर भूमि पर कथित अवैध कब्जे और पक्का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में बंजर दर्ज भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है। इस संबंध में हल्का लेखपाल की ओर से नगर थाने और नगर पंचायत को शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला गाटा संख्या 701 से जुड़ा है। बताया गया है कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में 0.498 हेक्टेयर बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट में भी भूमि को बंजर बताते हुए उस पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में नगर पंचायत कार्यालय, नगर बाजार को भी सूचना भेजे जाने की बात कही गई है। घनश्याम पर निर्माण कराने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि घनश्याम पुत्र रामदास द्वारा उक्त भूमि पर चरणबद्ध तरीके से मकान का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप के मुताबिक, पहले भी निर्माण कार्य को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवाया गया था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के लौटने के कुछ दिन बाद फिर से निर्माण शुरू कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अब मौके पर नए पिलर खड़े किए जा रहे हैं और दीवारों का निर्माण भी कराया जा रहा है। इससे सरकारी अभिलेखों में बंजर दर्ज भूमि पर अतिक्रमण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लेखपाल की शिकायत के बाद भी कार्रवाई पर सवाल मामले में हल्का लेखपाल की ओर से नगर थाने और नगर पंचायत को लिखित शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से निर्माण कार्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने इस मामले में पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारणों या मामले में अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। डीएम और एसडीएम से कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से मांग की है कि गाटा संख्या 701 की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराई जाए। यदि भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही शिकायत के बाद कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोपों की भी जांच कराई जाए। मामले में अब प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है। भूमि की वास्तविक स्थिति, निर्माण की वैधता और शिकायत पर हुई कार्रवाई स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
