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मध्य प्रदेश: छिंदवाड़ा में पहली बार गौशाला संचालक सम्मेलन एवं गौसेवा सम्मान समारोह आयोजित

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मध्य प्रदेश  Published by: Rakesh Mathankar , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 28/10/2026 03:38:38 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: गौ एवं गौशाला उत्थान संघ मध्यप्रदेश, जिला छिंदवाड़ा के सौजन्य से छिंदवाड़ा शहर के परासिया रोड स्थित पूजा श्री होटल में पहली बार गौशाला संचालक सम्मेलन एवं गौसेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: गौ एवं गौशाला उत्थान संघ मध्यप्रदेश, जिला छिंदवाड़ा के सौजन्य से छिंदवाड़ा शहर के परासिया रोड स्थित पूजा श्री होटल में पहली बार गौशाला संचालक सम्मेलन एवं गौसेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। समारोह में छिंदवाड़ा, पांढुर्णा एवं सिवनी जिले के गौशाला संचालकों और गौसेवकों ने विशेष रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में खंडवा से पधारे स्वामी सुखदेव बाबा, देवास से साध्वी कृष्णा दीदी, आगर मालवा से राधेश्याम विश्वकर्मा, शाजापुर-मक्सी से प्रमोद मेहता, छिंदवाड़ा से दामोदर भोजने महाराज, नरेंद्र साहू, रामजी किरार, संजीव राऊत, गयाप्रसाद सोनी, सफर जौनपुरी सहित अन्य अतिथि एवं गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान गौसेवा और गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे गौशाला संचालकों एवं गौसेवकों को मंच से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले गौसेवकों में उत्साह दिखाई दिया। इस अवसर पर गौशाला संचालकों ने गौशालाओं के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं को अतिथियों के समक्ष रखा। अतिथियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा कई विषयों पर मौके पर ही समाधान एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। गौसेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं : स्वामी सुखदेव बाबा समारोह को संबोधित करते हुए खंडवा से पधारे स्वामी सुखदेव बाबा ने कहा कि गौसेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। पत्थर और मूर्ति के रूप में भगवान की पूजा तो की जाती है, लेकिन जीवित प्राणियों में ईश्वर के दर्शन करने वाले लोगों की संख्या कम है। गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है, इसके बावजूद आज गौमाता सड़कों पर दर-दर भटकने को मजबूर है और अनेक स्थानों पर गोवंश के वध की घटनाएं सामने आती हैं। यह स्थिति हम सभी के लिए दुखद है।

उन्होंने कहा कि सरकार को गौमाता को जल्द से जल्द राष्ट्रमाता का दर्जा देने की दिशा में पहल करनी चाहिए। गौमाता की रक्षा, संरक्षण और सम्मान के लिए पूरे भारतवर्ष में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर सहयोग करना चाहिए गौशालाओं की समस्याओं पर हुई चर्चा सम्मेलन में गौशाला संचालकों ने गौशालाओं के संचालन, गोवंश के रखरखाव तथा अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। अतिथियों ने गौशाला संचालकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया और गौसेवा के कार्यों को मजबूत बनाने के लिए आपसी सहयोग एवं समन्वय पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने अपने-अपने उद्बोधन में गौमाता के संरक्षण, संवर्धन, गौशालाओं के विकास और गौसेवकों के योगदान की सराहना की। समारोह के माध्यम से गौसेवा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, गौशाला संचालकों की समस्याओं को सामने लाने तथा गोवंश की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मीडिया संगठन मध्यप्रदेश के पत्रकारों का भी  विशेष योगदान रहा।