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उत्तर प्रदेश: 28 और 29 अक्टूबर को आंधी-पानी का अलर्ट, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, धान की फसल पर खतरा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 28/10/2026 01:12:32 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 28/10/2026 01:12:32 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, 28 और 29 अ

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को जिले में तेज हवा के साथ बारिश होने की आशंका है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम के इस संभावित बदलाव से खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की चिंता बढ़ गई है। वहीं, रबी सीजन की बुआई शुरू होने के बीच बारिश से कृषि कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।

उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम का असर 28 अक्टूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। इसे देखते हुए किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। खेतों में तैयार धान की फसल पर मंडरा रहा खतरा  जिले में इस समय खरीफ सीजन की धान की फसल पककर तैयार है। कई क्षेत्रों में किसान कटाई के काम में जुटे हैं। ऐसे में तेज हवा और बारिश होने से धान की फसल गिरने, कटाई प्रभावित होने और खेतों में कटी फसल के भीगने का खतरा हो सकता है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मौसम खराब होने की स्थिति में खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई और मड़ाई के काम पर भी असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। रबी की बुआई पर भी पड़ सकता है असर  धान की फसल के साथ ही रबी सीजन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। किसान चना, मटर, मसूर और सरसों की बुआई में जुटे हैं। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में चल रहे कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे स्थानीय मौसम की स्थिति और खेतों में नमी को ध्यान में रखकर बुआई संबंधी निर्णय लें। मौसम में बदलाव के दौरान कृषि कार्यों में सावधानी बरतना जरूरी है।

 गांव-गांव किसानों तक पहुंचाई जाएगी सूचना  प कृषि निदेशक अशोक कुमार ने किसानों से संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से सभी विकासखंडों के अधिकारियों को मौसम संबंधी सूचना का गांव-गांव प्रचार-प्रसार कर किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग का जोर है कि किसान समय रहते मौसम की जानकारी प्राप्त करें और अपनी फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक पूर्वानुमान पर नजर रखें और उसी के अनुसार कटाई, मड़ाई तथा बुआई की योजना बनाएं।


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