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उत्तर प्रदेश: मीरजापुर में सीमांकन के बाद भी निजी भूमि पर सिंचाई विभाग का कब्जा, पीड़ित ने कार्रवाई की मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , Date: 09/02/2026 03:28:01 pm Share:
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  • 09/02/2026 03:28:01 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम मोहनपुर (भवरख), परगना कन्तित में स्थित गाटा संख्या 1171 को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि स्पष्ट सीमांकन एवं प्रशासनिक आदेशों के बा

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम मोहनपुर (भवरख), परगना कन्तित में स्थित गाटा संख्या 1171 को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि स्पष्ट सीमांकन एवं प्रशासनिक आदेशों के बावजूद उसकी निजी भूमिधरी भूमि पर अनावश्यक निर्माण का प्रयास किया जा रहा है।
प्रार्थी के अनुसार गाटा संख्या 1171 उसकी व सहखातेदारों की भूमिधरी भूमि है, जबकि इसके समीप स्थित गाटा संख्या 1172 सिंचाई विभाग की भूमि है। दोनों गाटों की सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा है। विवाद के निस्तारण हेतु प्रार्थी के पिता स्वर्गीय फूलचन्द द्वारा धारा 24 के अंतर्गत भूमि की पक्की पैमाइश कराई गई थी। उपजिलाधिकारी सदर के आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक व लेखपाल द्वारा 20 दिसंबर 2023 को मौके पर पत्थर गाड़कर सीमांकन किया गया। इसके बावजूद सहखातेदार धर्मावती देवी पत्नी दिनेश कुमार मौर्य के प्रार्थना पत्र पर 10 नवंबर 2025 को राजस्व व सिंचाई विभाग की संयुक्त उपस्थिति में पुनः सीमांकन कराया गया।

सीमांकन के बाद उपजिलाधिकारी सदर मीरजापुर ने 17 दिसंबर 2025 को अधिशासी अभियंता, नहर प्रखंड मीरजापुर को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि गाटा संख्या 1171 निजी भूमिधरी भूमि है, जबकि गाटा संख्या 1172 सिंचाई विभाग की भूमि है और विभाग का रकबा पूर्ण है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि भूमिधरी गाटा संख्या 1171 पर अनावश्यक निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। प्रार्थी ने बताया कि वर्ष 2018 में गाटा संख्या 1171 की भूमि का कुछ हिस्सा एनएच-07 हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित किया गया था, जिसका मुआवजा विधिवत प्राप्त हो चुका है, जिससे भूमि की वैधानिक स्थिति भी स्पष्ट हो चुकी है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि स्पष्ट सीमांकन एवं अभिलेखों के बावजूद यदि उसकी भूमि पर अतिक्रमण या निर्माण का प्रयास किया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
 


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