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उत्तर प्रदेश: CMO छापे में अस्पतालों की बड़ी लापरवाही हुई उजागर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , Date: 03/04/2026 03:44:20 pm Share:
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  • 03/04/2026 03:44:20 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली शहर की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल उस समय खुल गई, जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के औचक निरीक्षण में तीन अस्पतालों में गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली शहर की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल उस समय खुल गई, जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के औचक निरीक्षण में तीन अस्पतालों में गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान बिना पंजीकरण अस्पताल संचालन, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, गंदगी और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए CMO ने संबंधित अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। निरीक्षण के दौरान अल हिंद अस्पताल में बड़ी अनियमितता सामने आई। अस्पताल को बिना अनुमति पुराने स्थान से नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया था। जांच में पाया गया कि नए स्थान पर अस्पताल का पंजीकरण नहीं कराया गया है। मौके पर मौजूद संचालक डॉ. मोईन से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर तत्काल नोटिस जारी कर दिया गया। आला हजरत अस्पताल एंड सर्जिकल सेंटर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण तय मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

निरीक्षण के दौरान आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और मौके पर समाधान भी कराया गया। सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया, जब एक मरीज को ICU में भर्ती पाया गया, जबकि उसकी स्थिति ICU के योग्य नहीं थी। यह मरीज भी आयुष्मान योजना के अंतर्गत भर्ती था। इससे योजना के दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ लेने की आशंका जताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का सही तरीके से पृथक्करण (सेग्रिगेशन) नहीं किया जा रहा था। यह नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इससे मरीजों व स्टाफ के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा सकता है। CMO ने सभी संबंधित अस्पतालों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।