-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: शहडोल में INTUC के नाम पर कथित वसूली का आरोप, श्रमिकों ने जांच की मांग की
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: शहडोल जिले में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों से ट्रेड यूनियन के नाम पर कथित रूप से राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: शहडोल जिले में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों से ट्रेड यूनियन के नाम पर कथित रूप से राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि INTUC से जुड़े कुछ पदाधिकारियों या प्रतिनिधियों द्वारा सदस्यता और अन्य मदों के नाम पर निर्धारित प्रक्रिया से अलग राशि देने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर श्रमिकों ने श्रम विभाग और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। श्रमिकों के अनुसार, उनसे ली जा रही राशि के संबंध में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि राशि किस मद में ली जा रही है, इसकी जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप रसीद उपलब्ध कराने की मांग किए जाने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि राशि देने से इनकार करने पर उन पर दबाव बनाया जाता है। श्रमिकों का कहना है कि ट्रेड यूनियन की सदस्यता और फंड से संबंधित नियम निर्धारित होते हैं। यूनियन से जुड़े वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता और रिकॉर्ड का उचित रखरखाव जरूरी है। ऐसे में कर्मचारियों से ली जा रही किसी भी राशि का स्पष्ट हिसाब-किताब होना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि धनराशि किस उद्देश्य से ली गई और उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। श्रमिकों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी संगठन या उसके प्रतिनिधियों द्वारा नियमों के विपरीत राशि वसूले जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही कथित रूप से वसूली गई राशि का पूरा हिसाब-किताब सामने लाने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने श्रम विभाग से यह भी आग्रह किया है कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक वित्तीय दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। मामले को लेकर INTUC के संबंधित पदाधिकारियों का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। संगठन या संबंधित प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा। फिलहाल कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। श्रमिकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि जांच में नियमों के विपरीत वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी किसी भी कथित वसूली को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
