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उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के गांवों में नालियां बदहाल, मिट्टी-गाद से जल निकासी ठप; प्रदीप डाहलिया ने सफाई अभियान की मांग उठाई
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधीन आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की खराब स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधीन आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की खराब स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सैनी, सुनपुरा, खेड़ी, भनौता, वैदपुरा, मिलक लच्छी, सादुल्लापुर, रोजा जलालपुर, चिपियाना, खैरपुर और पटवारी सहित आसपास के गांवों में नालियों में मिट्टी, गाद, कचरा और अन्य अवरोध जमा होने से जल निकासी प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप डाहलिया ने मामले को गंभीर बताते हुए ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से तत्काल विशेष नाला सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नियमित सफाई नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। प्रदीप डाहलिया ने कहा कि नालियों की सफाई केवल कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बार-बार सूचना देने के बावजूद नालियों से मिट्टी और गाद नहीं निकाली जा रही है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों या एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नालियों की समस्या सिर्फ गंदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध जल निकासी, स्वच्छता, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से है। लंबे समय तक जमा कचरे और रुके पानी से मच्छरों और दुर्गंध की समस्या बढ़ सकती है। प्रदीप डाहलिया ने सवाल उठाया कि संबंधित अधिकारियों को बार-बार शिकायतों की जानकारी दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्राधिकरण से यह स्पष्ट करने की मांग की कि संबंधित गांवों में नालियों की सफाई की जिम्मेदारी किस अधिकारी, कर्मचारी या एजेंसी की है और शिकायत मिलने के बाद मौके पर क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर निस्तारित दिखाना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक समाधान तभी माना जाएगा जब नालियों से मिट्टी, गाद और कचरा हटाकर जल निकासी सुचारु की जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कराने, प्रत्येक नाली की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने तथा सफाई से पहले और बाद की फोटो-वीडियो रिपोर्ट सुरक्षित रखने की मांग की। साथ ही, नाला सफाई और रखरखाव के नाम पर खर्च किए गए सरकारी धन की भी समीक्षा किए जाने की मांग की। प्रदीप डाहलिया ने कहा कि यदि जल्द धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक एवं वैधानिक मंचों के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने सैनी, सुनपुरा, खेड़ी, भनौता, वैदपुरा, मिलक लच्छी, सादुल्लापुर, रोजा जलालपुर, चिपियाना, खैरपुर और पटवारी समेत अन्य गांवों में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की।
