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मध्य प्रदेश: श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष का किया गया वर्णन

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मध्य प्रदे  Published by: Arun Shrivastava , Date: 17/02/2026 04:42:36 pm Share:
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  • 17/02/2026 04:42:36 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: श्रीश्री.108रामबादुरदास त्यागी जी महाराज के सानिध्य में श्री राम जानकी मंदिर परिसर.मे  आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा  व्यास पंडित जितेंद्र शास्त्री चौरास वालों ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: श्रीश्री.108रामबादुरदास त्यागी जी महाराज के सानिध्य में श्री राम जानकी मंदिर परिसर.मे  आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा  व्यास पंडित जितेंद्र शास्त्री चौरास वालों ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। सुदामा जी जितेंद्रिय एवं भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन पोषण करते। गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा जी से बार बार आग्रह करती कि आपके मित्र तो द्वारकाधीश है। उनसे जाकर मिलो शायद वह हमारी मदद कर दें। सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारका पहुंचते हैं और जब द्वारपाल भगवान कृष्ण को बताते हैं कि सुदामा नाम का ब्राम्हण आया है। कृष्ण यह सुनकर नंगे पैर दौङकर आते हैं और अपने मित्र को गले से लगा लेते । उनकी दीन दशा देखकर कृष्ण के आंखों से अश्रुओं की धारा प्रवाहित होने लगती है। सुदामा जी को सिंघासन पर बैठाकर कृष्ण जी सुदामा के चरण धोते हैं। सभी पटरानियां सुदामा जी से आशीर्वाद लेती हैं। सुदामा जी विदा लेकर अपने स्थान लौटते हैं तो भगवान कृष्ण की कृपा से अपने यहां महल बना पाते हैं लेकिन सुदामा जी अपनी फूंस की बनी कुटिया में रहकर भगवान का सुमिरन करते हैं। इस लिए कहा गया है कि जब जब भक्तों पर विपदा आई है। 

 

प्रभु उनका तारण करने जरुर आए हैं। अगले प्रसंग में शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई, जिससे उनके मन से मृत्यु का भय निकल गया। तक्षक नाग आता है और राजा परीक्षित को डस लेता है। राजा परीक्षित कथा श्रवण करने के कारण भगवान के परमधाम को पहुंचते है। मंगलवार को हवन,कलश विसर्जन एवं भंडारे के साथ कथा सम्पन्न हुई। श्रीमद भगवत कथा में जिनका विशेष सहयोग रहा उनमे पंडित राजेंद्र दीक्षित,.अतुल शर्मा सिलवानी ,पंडित उमा शंकर दुबे, पंडित चंद्र प्रकाश दुबे, ठाकुर यशपाल सिंह तोमर, ठाकुर. प्रकाश सिंह तोमर, राजपाल  सिह.तोमर एवं समस्त ग्रामवासी जिनमे महिलाएं बुजुर्ग एवं बच्चों का भरपूर सहयोग रहा।