Contact for Advertisement 9650503773


ओडिशा: आध्यात्मिक संगोष्ठी में गूंजा श्रीजगन्नाथ का संदेश, प्राणायाम पर बनी नई रूपरेखा

- Photo by : social media

ओडिशा  Published by: Laxminarayan Pathi , ओडिशा  Edited By: Kunal, Date: 16/05/2026 10:17:50 am Share:
  • ओडिशा
  • Published by.: Laxminarayan Pathi ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 16/05/2026 10:17:50 am
Share:

संक्षेप

ओडिशा: अंतर्जातीय श्रीजगन्नाथ चेतना व युवाशक्ति संगठन,पुरी के तत्वावधान में पुरी सहर स्थित इन्द्रद्युम्न सरोवर संलग्न माॅ यज्ञेश्वरी मंदिर प्रांगण में 15 मई की संक्रांति के दिन एक आध्यात्मिक वैठक का आयोजन हुआ। 

विस्तार

ओडिशा: अंतर्जातीय श्रीजगन्नाथ चेतना व युवाशक्ति संगठन,पुरी के तत्वावधान में पुरी सहर स्थित इन्द्रद्युम्न सरोवर संलग्न माॅ यज्ञेश्वरी मंदिर प्रांगण में 15 मई की संक्रांति के दिन एक आध्यात्मिक वैठक का आयोजन हुआ। श्रीमंदिर की पुरोहित व श्रीमंदिर परिचालन समिति सदस्य डः सिद्धेश्वर महापात्र के अध्यक्षता में आयोजित इस वैठक में प्रोफेसर प्रभात रंजन महापात्र,प्रोफेसर प्यारीमोहन महापात्र,  डः वलराम दास और सुधांशुशेखर राजगुरु ने भाग लिए । प्रोफेसर प्रभात रंजन महापात्र के वेद उच्चारण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । प्रोफेसर प्यारीमोहन महापात्र ने शरीरतत्त्व व सांख्य दर्शन की प्रकृति और पुरुष तत्त्व के वारे में आलोचना किया। 

इसके वाद सिद्धेश्वर महापात्र ने कवि की कल्पना में श्रीजगन्नाथ के छबि को लेकर एक विश्लेषण प्रस्तुत किया । सुधांशुशेखर राजगुरु ने श्रीजगन्नाथ के विभिन्न अवतार को लेकर अनेक ज्ञानवर्द्धक वात वताया । इस वैठक में यह भी फैसला हुआ कि अगले महिने की वैठक में प्राणायाम को लेकर प्रोफेसर महेश्वर दास आलोचना करेंगे । इस वैठक में पुर्व अध्यक्ष सुरट कुमार स्वाइँ, अभियंता गिरिजाशंकर पाढी,मणिराम भाइ, संकर्षण प्रधान, संतोष कुमार महांति, मानस कुमार वेहेरा,पुर्व अध्यापक विश्वजीत दाश और विभिन्न महाविद्यालयों से आये हुए छात्रछात्रा उपस्थित रहे । कार्यक्रम का आयोजन में अध्यापक सुशांत कुमार नायक और भ्रमरवर पंडा के विशेष सहयोग रहा । मनोज कुमार सामंतराय ने सवको धन्यवाद ज्ञापन की । कार्यक्रम का संचालन पुर्व अध्यापक सुकान्त कुमार महांति ने किया । सर्वधर्म प्रार्थना के वाद वैठक समाप्त हुआ । इस अवसर पर म्यानेजर अजय साहु के द्वारा आआयोजित भंडारा का आनंद उपस्थित सवने उठाए ।