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ओडिशा: साक्षीगोपाल में उत्कल सम्मेलन ने मनाया कोशली पर्व और नूआखाई समारोह

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ओडिशा  Published by: Laxminarayan Pathi , ओडिशा  Edited By: Yashoda, Date: 16/09/2026 02:39:35 pm Share:
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संक्षेप

ओडिशा: पुरी साक्षीगोपाल उत्कल सम्मेलन की पुरी जिला शाखा के तत्वावधान में 15 सितंबर की दोपहर साक्षीगोपाल स्थित सुनंदा भवन में कोशली पर्व एवं नूआखाई भेटघाट समारोह आयोजित किया गया। पश्चिम ओडिशा के प्रसिद्ध पर्व के प्रति पूरे राज्य में अपनापन बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अभिमन्यु बराल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

विस्तार

ओडिशा: पुरी साक्षीगोपाल उत्कल सम्मेलन की पुरी जिला शाखा के तत्वावधान में 15 सितंबर की दोपहर साक्षीगोपाल स्थित सुनंदा भवन में कोशली पर्व एवं नूआखाई भेटघाट समारोह आयोजित किया गया। पश्चिम ओडिशा के प्रसिद्ध पर्व के प्रति पूरे राज्य में अपनापन बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अभिमन्यु बराल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्कल सम्मेलन पुरी जिला अध्यक्ष भीमसेन महापात्र ने की। मंच पर जिला उपाध्यक्ष अनाम मल्लिक और साहित्यकार हेमंत कुमार छोटराय भी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. अभिमन्यु बराल ने कहा कि नूआखाई पर्व हर वर्ष गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन पश्चिम ओडिशा के संबलपुर, बरगढ़, बलांगीर, सुंदरगढ़, कालाहांडी, बौध, नुआपड़ा, झारसुगुड़ा, सोनपुर, नबरंगपुर और देवगढ़ सहित झारखंड व छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह कृषि आधारित पर्व है, जिसमें लोग नई फसल के अनाज से पकवान और मिठाइयां बनाकर समलाई, घंटेश्वरी सहित विभिन्न देवी-देवताओं को भोग अर्पित करते हैं।

उन्होंने बताया कि नूआखाई में ‘नूआ’ यानी नया और ‘खाई’ यानी खाना होता है। इस दिन लोग नए वस्त्र पहनकर नए अन्न का सेवन करते हैं और एक-दूसरे से मिलकर खुशियां बांटते हैं। पुरी जिले में नूआखाई मनाना इसे केवल पश्चिम ओडिशा ही नहीं, बल्कि पूरे ओडिशा का पर्व मानने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भविष्य में भी इस आयोजन को जारी रखने और कोशल की सांस्कृतिक विरासत को याद रखने का आह्वान किया।

अन्य अतिथियों ने भी कोशली संस्कृति और नूआखाई पर्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में विजय कुमार परिडा, पंचानन मिश्र, रंजन मिश्र, प्रभाकर जेना, हृषीकेश पाढ़ी, संपूर्णानंद मिश्र, कृपानिधि प्रधान, विभूति भूषण होता, दिगंबर रथ और लक्ष्मीनारायण पाठी सहित कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संचालक सुनंदा महांति और कवयित्री विशाखा देवी की ओर से प्रस्तुत मीठी गुजिया व ककरा का सभी ने आनंद लिया और नूआखाई पर्व की खुशियां साझा कीं।