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राजस्थान: तस्करों की मदद से बना करोड़पति हेड कांस्टेबल, संपत्ति की जांच शुरू

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राजस्थान  Published by: Bharat Bunkar , राजस्थान  Edited By: Namita Chauhan, Date: 08/05/2026 04:45:43 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: हेरोइन तस्करों की मदद के आरोप में निलंबित किए गए हैड कांस्टेबल मंगतराम ने पद पर रहते खूब पैसा कमाया।

विस्तार

राजस्थान: हेरोइन तस्करों की मदद के आरोप में निलंबित किए गए हैड कांस्टेबल मंगतराम ने पद पर रहते खूब पैसा कमाया। वर्तमान में उसकी संपत्तियों की वैल्यू डेढ़ करोड़ के करीब है, जब वह वर्ष 2013 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस में भर्ती हुआ था, तब रहने के मकान तक कच्चे थे। घर से गरीबी को बाहर निकालने में उसने तस्करों की मदद करके ऐसी रफ्तार पकड़ी। बीते पांच वर्षों में ही वह करोड़पति बन गया। उसने गांव में आलीशान कोठी बनाई है। उसने अपने भाई को भी अच्छे मकान बनाकर दिए हैं। इतना ही नहीं, चर्चा इस बात की भी हो रही है कि उसने कुछ माह पहले 40 बीघा जमीन भी खरीदी थी। वर्तमान में उसके पास एक कार और बाइक भी है। मां और भाई बीमार रहते हैं। यानी भाई भी कोई काम नहीं करता। अपने और भाई के परिवार का खर्चा मंगतराम ही चलाता था। निलंबित हैड कांस्टेबल मंगतराम की सैलरी की बात करें तो वर्ष 2015 में स्थायी नियुक्ति होने पर पूरा वेतन मिलने लगा था। कांस्टेबल के स्थायी होते ही पे-स्केल एल-5 और सैलरी 20,800 से शुरू होती है। हैड कांस्टेबल का पे-स्केल एल-8 और सैलरी 26,300 से शुरू होती है। इस हिसाब से मंगतराम को वर्ष 2015 से वर्ष 2025 तक 27,45,600 रुपए वेतन मिला। 


नवंबर 2025 में हैड कांस्टेबल पदोत्रत होने पर पे-स्केल एल-8 और सैलरी 26,300 हो गई। बीते 6 माह में हैड कांस्टेबल के तौर पर उसे 1,57,800 रुपए सैलरी मिली। पुलिस सेवा में आने से अब तक उसे 29 लाख 3 हजार 400 रुपए वेतन मिला। अगर इसमें इंक्रीमेंट और महंगाई भत्ते की रकम का अनुमान लगाकर 10 लाख रुपए और जोड़ लें, तो भी उसे सरकार से 39 लाख रुपए ही मिले। उसकी वर्तमान अचल और चल संपत्तियों का बाजार मूल्य डेढ़ करोड़ के करीब है। तस्करों से किस तरह मंगत तक पहुंचती थी रकम इसकी जांच कर रहे एसपी। निलंबित हैड कांस्टेबल मंगतराम के पाकिस्तानी पंजाब राजस्थान बॉर्डर पर बैठे हेरोइन तस्करों से कब से संबंध थे। वह मदद करने के बदले कितने रुपए लेता था। वह किस तरह से लेता था। इस संबंध में एएसपी रघुवीर शर्मा जांच कर रहे हैं। आरोपी तथा उसके परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खातों की डिटेल ली जा रही है। इसके अलावा, वह जब से सेल में तैनात था, तब से लेकर अब तक हेरोइन तस्करी की घटनाओं में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

NDPS एक्ट में घर भी फ्रीज हो सकता है                                                      

प्रारंभिक तौर पर हैड कांस्टेबल मंगतराम के हेरोइन तस्करों के साथ संपर्क सामने आ चुके हैं। इस संबंध में पर्याप्त सबूत होने के बाद उसे निलंबित किया गया है। अब उसकी विभागीय जांच में रावला मंडी में 10 किलो 800 ग्राम हेरोइन तस्करी के प्रकरण में उस पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक गई है। रावला मंडी थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के इस मामले की जांच सूरतगढ़ सिटी एसएचओ दिनेश सारण कर रहे हैं। एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 (ए), 29(2) के तहत, अथवा आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप में बीएनएस की धारा 61 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पुलिस एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 (झ) के तहत उसकी संपत्तियों को भी मुकदमे में फ्रीज कर सकती है।