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राजस्थान: जोबनेर में स्कूल बस और स्कॉर्पियो की आमने-सामने भिड़ंत, डेढ़ दर्जन बच्चे घायल
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संक्षेप
राजस्थान: जोबनेर में शनिवार को जोबनेर-महलां मार्ग पर बच्चों से भरी स्कूल बस और स्कॉर्पियो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।
विस्तार
राजस्थान: जोबनेर में शनिवार को जोबनेर-महलां मार्ग पर बच्चों से भरी स्कूल बस और स्कॉर्पियो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गए। हादसे में स्कूल बस में सवार करीब डेढ़ दर्जन बच्चे घायल हो गए। इनमें से 9 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, जोबनेर-महलां मार्ग पर टैगोर स्कूल की बाल वाहिनी बस बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। भिड़ंत के बाद दोनों वाहन पलट गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची हादसे की सूचना मिलते ही जोबनेर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर तत्काल जोबनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद 9 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं स्कॉर्पियो में सवार यात्रियों को भी चोटें आई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कॉर्पियो सवार लोग चित्तौड़ से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे के कारण मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हादसे के बाद स्कूल बसों की रफ्तार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई निजी स्कूलों की बसें तेज गति से संचालित होती हैं। अभिभावकों की ओर से भी समय-समय पर बसों की तेज रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। पहले भी हो चुके हैं स्कूल बस हादसे स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी क्षेत्र में स्कूली बच्चों से भरी बस पलटने की घटना सामने आई थी। लगातार हो रहे हादसों के बाद अब स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी जांच की मांग तेज हो गई है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर स्कूल बसों की फिटनेस, परमिट, चालकों की योग्यता, निर्धारित गति सीमा और सुरक्षा मानकों की जांच करनी चाहिए। बसों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण और नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बच्चों को सुरक्षित घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाना स्कूल प्रबंधन, बस संचालक और चालक की अहम जिम्मेदारी है। जोबनेर के इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि स्कूल बसों में सफर कर रहे बच्चों की सुरक्षा कितनी पुख्ता है और तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण कब होगा।
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